झारखंड में रेलवे के SMS ने बढ़ाई परेशानी, अंतिम समय में राजधानी ट्रेन का रूट डाइवर्ट, मची अफरातफरी
रांची-लोहरदगा-टोरी रेलखंड पर पुल में दरार के कारण ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया गया। राजधानी एक्सप्रेस का रूट अंतिम समय में बदलने से यात्रियों को ...और पढ़ें
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प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)
जागरण संवाददाता, रांची। रांची लोहरदगा टोरी रेलखंड पर तकनीकी खराबी के कारण ट्रेनों के परिचालन में हुए बदलाव का सबसे बड़ा खामियाजा रेलयात्रियों को उठाना पड़ा।
राजधानी एक्सप्रेस का रूट बदले जाने की सूचना ट्रेन चलने से ठीक पहले मिलने के बाद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। किसी को डर था कि ट्रेन छूट जाएगी तो किसी को यह समझ ही नहीं आ रहा था कि आखिर किस स्टेशन पर जाकर ट्रेन पकड़नी है।
आखिरी समय में मिले एसएमएस के बाद यात्री भागमभाग करते हुए कभी रांची तो कभी डाल्टनगंज स्टेशन पहुंचे और जैसे-तैसे ट्रेन पकड़ पाए। रेलवे की इस अंतिम समय की सूचना व्यवस्था ने यात्रियों को भारी मानसिक तनाव और परेशानी में डाल दिया।
पुल में दरार, प्रभावित हुआ रेल परिचालन
रांची रेल मंडल के अंतर्गत रांची लोहरदगा टोरी रेलखंड पर नागजुआ एवं लोहरदगा स्टेशन के बीच कोयल नदी पर स्थित पुल संख्या 115 के पिलर संख्या चार और पांच के बीच दरार पाए जाने के बाद रेल परिचालन प्रभावित हो गया। इस कारण कई ट्रेनों को रद किया गया, कई के मार्ग बदले गए और कई ट्रेनों का आंशिक समापन किया गया।
राजधानी एक्सप्रेस का मार्ग बदला, यात्री रहे अनजान
ट्रेन संख्या 12453 रांची नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस को अपने निर्धारित मार्ग रांची लोहरदगा टोरी के बजाय परिवर्तित मार्ग रांची टाटीसिलवे मेसरा बरकाकाना टोरी होकर चलाया गया।
रेलवे ने दावा किया कि यात्रियों की सुविधा के लिए टोरी स्टेशन पर ठहराव दिया गया, लेकिन इसकी जानकारी यात्रियों को समय पर नहीं दी गई। ट्रेन चलने से महज पौने घंटे पहले भेजे गए एसएमएस ने यात्रियों की परेशानी और बढ़ा दी।
स्टेशन और ठहराव को लेकर भ्रम
लोहरदगा से यात्रा करने वाले यात्रियों को यह तक स्पष्ट नहीं था कि राजधानी किस स्टेशन पर रुकेगी। कई यात्री रांची रेलवे स्टेशन पहुंचे, तो कुछ को मजबूरी में डाल्टनगंज जाकर ट्रेन पकड़नी पड़ी। स्पष्ट सूचना के अभाव में कई यात्री ट्रेन से छूट गए जबकि कुछ अंतिम समय में हांफते हुए प्लेटफार्म पर पहुंचे।
पैसेंजर और मेमू सेवाएं भी प्रभावित
राजधानी के अलावा पैसेंजर सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित रहीं। लोहरदगा और टोरी जाने वाली कई मेमू पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन नागजुआ स्टेशन तक ही सीमित कर दिया गया। इससे दैनिक यात्रियों, छात्रों और कामकाजी लोगों को अतिरिक्त यात्रा और असुविधा झेलनी पड़ी।
रद और आंशिक रूप से चलने वाली ट्रेनें
- रेलवे के अनुसार, ट्रेन संख्या 18635 रांची सासाराम एक्सप्रेस 5 से 7 जनवरी तक रद रहेगी।
- ट्रेन संख्या 18636 सासाराम रांची एक्सप्रेस 6 से 8 जनवरी तक रद रहेगी।
- कई मेमू पैसेंजर ट्रेनों का 4 से 7 जनवरी के बीच लोहरदगा व टोरी के स्थान पर नागजुआ स्टेशन से आंशिक प्रारंभ और समापन किया गया।
स्पष्ट सूचना नहीं मिलने पर सवाल
यात्रियों का कहना है कि केवल अंतिम समय में एसएमएस भेज देना जिम्मेदारी पूरी करना नहीं है। न तो ठहराव की स्पष्ट जानकारी दी गई और न ही वैकल्पिक व्यवस्था बताई गई। रेलवे की इस कार्यप्रणाली ने एक बार फिर यात्री सुविधा और सूचना प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यात्रियों का फूटा गुस्सा
रेलयात्री तृष्या सिन्हा (लोहरदगा) ने कहा लोहरदगा से रांची पहुंचने में दो घंटे से ज्यादा समय लगता है। मुझे यह एसएमएस ढाई घंटे पहले दिखा। अफरा-तफरी में जैसे-तैसे ट्रेन पकड़ी। अगर पहले जानकारी दी जाती तो इतनी परेशानी नहीं होती। यह रेलवे की लापरवाही है।
अमन अग्रवाल ने कहा एसएमएस मैंने बहुत अंतिम समय में देखा। मजबूरी में डाल्टनगंज जाकर ट्रेन पकड़नी पड़ी। पूरी व्यवस्था अव्यवस्थित थी और इससे यात्रियों को बेवजह परेशान होना पड़ा।
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