कार के शीशों पर ब्लैक फिल्म लगवाने वालों की खैर नहीं, 70 फीसद से कम विजिबिलिटी होने पर होगी कड़ी कार्रवाई
आमतौर पर जब लोग नई गाड़ी लेते हैं तो वे चाहते हैं कि उनकी गाड़ी कुछ अलग दिखे। इसके लिए वे गाड़ी में कई तरह के मोडिफिकेशन कराते हैं। कानूनी तौर पर कार या किसी भी गाड़ी में इस तरह के अधिकतर मोडिफिकेशन गलत हैं।

शीशों पर ब्लैक फिल्म लगी गाड़ियां दुर्घटनाओं का बड़ा कारण
दूसरा पहलू यह भी है कि तेज धूप से बचने व कार को नया रुपरंग देने के लिए लोग शीशे पर काली फिल्म चढ़ा देते हैं। कार के शीशे ब्लैक करने को काफी लोग स्वैग मानते हैं। इसलिए वह शीशों पर ब्लैक फिल्म चढ़ा लेते हैं । लेकिन ऐसा करना गैर-कानूनी भी है। इसके अलावा चार पहिया वाहनों से होने वाली अधिकांश दुर्घटनाएं गाड़ी के शीशों पर ब्लैक फिल्म लगे होने के कारण होती हैं।
अपराध को अंजाम देने के लिए अपराधी ऐसी ही गाड़ियों का करते हैं इस्तेमाल
शीशों पर ब्लैक फिल्म लगवाना बेहद खतरनाक इसलिए है क्योंकि इसी तरीके की शीशों पर ब्लैक फिल्म लगी गाड़ियों का इस्तेमाल अपराधी अपराध की घटना को अंजाम देने के लिए प्रयोग करते हैं। अपराधियों के लिए शीशों पर ब्लैक फिल्म लगी गाड़ियों का इस्तेमाल करना इसलिये मददगार होता है क्योंकि ब्लैक फिल्म लगी होने के कारण गाड़ी के अंदर बैठे लोगों की पहचान कर पाना बेहद मुश्किल होता है।
क्या कहते हैं ट्रैफिक के नियम
सुप्रीम कोर्ट ने शीशों की विजिबिलिटी को लेकर सुनाया था फैसला
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।