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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 03, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पूजा सिंघल पर पहली बार रघुवर दास ने मुंह खोला... बताया कि क्‍या है उनका IAS कनेक्‍शन...

By Alok ShahiEdited By:
Published: Fri, 03 Jun 2022 06:32 AM (IST)Updated: Fri, 03 Jun 2022 08:53 AM (IST)

Jharkhand News झारखंड के पूर्व मुख्‍यमंत्री रघुवर दास ने भ्रष्‍टाचार के संगीन आरोपों में जेल भेजी गईं आइएएस अधिकारी पूजा ...और पढ़ें

Jharkhand News: झारखंड के पूर्व मुख्‍यमंत्री रघुवर दास ने पूजा सिंघल पर पहली बार अपना मुंह खोला।
Jharkhand News: झारखंड के पूर्व मुख्‍यमंत्री रघुवर दास ने पूजा सिंघल पर पहली बार अपना मुंह खोला।

रांची, जेएनएन। Jharkhand News झारखंड के पूर्व मुख्‍यमंत्री रघुवर दास ने भ्रष्‍टाचार के संगीन आरोपों में जेल भेजी गईं आइएएस अधिकारी पूजा सिंघल के बारे में बहुत दिनों बाद आज पहली बार अपना मुंह खोला। उन्‍होंने कहा कि इस मामले में कहीं से भी उनकी सरकार के खिलाफ संलिप्‍तता या जो कुछ मिलता है, तो वे कार्रवाई करें। उनकी सरकार है, उन्‍हें किसने रोका है। रघुवर ने कहा कि मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार भ्रष्‍टाचार में आकंठ डूबी हुई है। उनके बारे में किसी को बताने कि जरूरत नहीं है। वे कोई भी जांच कराएं हम हमेशा तैयार हैं।

केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली सरकार के सेवा के 8 वर्ष पूरे होने के मौके पर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास ने गुरुवार को धनबाद में पत्रकारों से खुलकर बात की। इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने झारखंड में अपने 5 साल के कार्यकाल का जमकर बखान किया। उन्होंने हेमंत सोरेन की अगुआई वाली झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन सरकार को निशाने पर लिया। कहा कि हेमंत सरकार को कानून सीखने की जरूरत है।

रघुवर दास ने हेमंत सोरेन सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि जहां तक पूजा सिंघल का मामला है, आप सब को भी जानकारी होनी चाहिए कि हमने कभी नहीं रोका। अगर रोका होता तो आज ये मामला कोर्ट में नहीं जाता। पूर्व मुख्‍यमंत्री ने कहा कि कोई भी अधिकारी चाहे वह बीडीओ, सीओ हो, सेक्रेटरी हो या फिर चीफ सेक्रेटरी हो, अगर व्‍यभिचार, भ्रष्टाचार करता है तो उनके खिलाफ दो एक्‍शन होता है। एक क्रिमिनल एक्‍शन होता है और दूसरा विभागीय कार्रवाई होती है। तो पूजा सिंघल के मामले में उनकी सरकार के समय, पहले से ही क्रिमिनल एक्‍शन चल रहा था।

बता दें कि बीते दिन ही झारखंड के मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूर्व मुख्‍यमंत्री रघवर दास की सरकार के 5 मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्‍टाचार निरोधक ब्‍यूरो ACB जांच के आदेश दिए हैं। यह मामला आय से अधिक संपत्ति का है। इस मामले में झारखंड हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। जिसमें कहा गया है कि इन पांच मंत्रियों की संपत्ति वर्ष 2019 में वर्ष 2014 की अपेक्षा 200 से 1200 गुणा तक बढ़ गई है। जैसा कि इन मंत्रियों ने विधानसभा चुनाव के दौरान नामांकन में चुनाव आयोग को शपथ पत्र देकर बताया है।

बहरहाल विरोधियों द्वारा बार-बार चुप्‍पी साधने के आरोप लगाए जाने के बाद आज रघुवर दास ने पहली बार पूजा सिंघल के मामले में काफी कुछ बोला है। रघुवर ने हेमंत सरकार के खिलाफ तल्‍ख तेवर दिखाते हुए कहा कि भ्रष्‍टाचार में डूबी ये सरकार नियम-कानून की धज्जियां उड़ा रही हैं। मालूम हो कि रघुवर दास ने ही राज्‍यपाल रमेश बैस से मिलकर हेमंत सोरेन पर अपने नाम पर खदान लीज लेने की शिकायत की थी। उन्‍होंने खान पट्टा के दस्‍तावेज भी सौंपे थे।

इस मामले में चुनाव आयोग ने हेमंत सोरेन को अयोग्‍यता का नोटिस दिया है। जिस पर मुख्‍यमंत्री को 14 जून को भारत निर्वाचन आयोग में जवाब के साथ हाजिर होने को कहा गया है। इधर खान लीज लेने के मामले में हेमंत सोरेन की सीबीआइ जांच कराने की एक याचिका झारखंड हाई कोर्ट में भी दाखिल की गई है। शुक्रवार को इस मामले में उच्‍च न्‍यायालय में अहम सुनवाई होने जा रही है। जबकि हेमंत सोरेन, उनके परिवार और करीबियों पर शेल कंपनी चलाने के मामले में सभी पक्षों की बहस पूरी होने के बाद हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। शुक्रवार को इस मामले में अदालत अपना अहम फैसला सुनाने वाली है।