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    PESA हाट-बाजारों पर भी होगा ग्राम सभा का नियंत्रण, व्यवसायी व उपभोक्ताओं का रखेगी ख्याल

    By Ashish Jha Edited By: Kanchan Singh
    Updated: Mon, 05 Jan 2026 08:52 PM (IST)

    पेसा कानून लागू होने के बाद झारखंड के हाट-बाजारों पर अब ग्राम सभा का नियंत्रण होगा। ग्राम सभा इनके संचालन, प्रबंधन और कर लगाने का निर्णय ले सकेगी, हाल ...और पढ़ें

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    पेसा कानून लागू होने के बाद राज्य के हाट-बाजारों पर भी ग्राम सभा का नियंत्रण होगा।

    राज्य ब्यूरो,रांची। पेसा कानून लागू होने के बाद राज्य के हाट-बाजारों पर भी ग्राम सभा का नियंत्रण होगा। ग्राम सभा इनके संचालन को लेकर निर्णय ले सकेगी। इसके पूर्व ग्राम सभा ऐसे हाट-बाजारों में सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगी।

    ग्राम सभा दुकानदारों एवं उपभोक्ताओं के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराएगी

    ग्रामसभा को हाट-बाजारों पर कर लगाने का अधिकार होगा और समय पर कर नहीं देनेवालों पर जुर्माना भी लगाने की सुविधा होगी। हालांकि इसके पूर्व ग्राम सभा को दुकानदारों और उपभोक्ताओं के लिए सुविधाएं सुनिश्चित करनी होंगी।

    ग्राम सभा अपने क्षेत्र में स्थित बाजारों, मेला, पारंपरिक जतरा (पशु मेला सहित) का नियंत्रण और प्रबंधन करने में सक्षम होगी। ऐसे बाजार में दुकानदारों पर कर लगा लगाने का अधिकार भी ग्राम सभा को होगा लेकिन छोटे विक्रेताओं को इससे मुक्त रखा जाएगा।

    ग्राम सभा का यह कर्तव्य होगा कि बाजार में दुकानदारों एवं उपभोक्ताओं के लिए जल, शेड एवं अन्य भौतिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए।
    बाजार में जन साधारण के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पदार्थों के प्रवेश एवं विक्रय पर रोक लगाने का अधिकार भी ग्राम सभा को होगा।

    ग्राम सभा यह भी सुनिश्चित करेगी कि लोगों को बाजार से मिल रहे उत्पादों में भार एवं माप वास्तविक मिलें। ग्राम सभा इन हाट बाजारों में उपलब्ध सामग्रियों के मूल्यों की जानकारी एकत्र करत हुए इसे साझा भी करेगी।

    लोगों को ठगी से बचाने की भी जवाबदेही

    मूल्यों से संबंधित धोखाधड़ी या गलत जानकारी सहित समस्त व्यवहार को प्रतिबंधित करने का अधिकार भी ग्राम सभा का होगा। इससे आम लोगों को ठगी से बचाया जा सकेगा। बाजार या इसके आसपास के क्षेत्र में जुआ एवं सट्टेबाजी को ग्राम सभा ही प्रतिबंधित करेगी।

    हाट- बाजारों में दुकानदारों पर कर लगाने की शक्ति ग्राम सभा के पास होगी लेकिन लघु विक्रेताओं पर कोई कर अधिरोपित नहीं की जाएगी। इसके लिए लघु विक्रेता को परिभाषित करने का काम भी ग्राम सभा का होगा।

    इसके साथ-साथ बाजार एवं मेला, पारंपरिक जतरा में किसी प्रकार के विवाद का निपटारा हेतु ग्राम सभा स्तर पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।