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    विधानसभा में घिरी हेमंत सरकार, इस बार BJP नहीं कांग्रेस ने ही पूछ लिए तीखे सवाल; साथ में दे दिया अल्टीमेटम

    Updated: Wed, 05 Mar 2025 07:15 PM (IST)

    झारखंड की स्वर्णरेखा परियोजना में करोड़ों रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ है। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने विधानसभा में इस मुद्दे को उठाया और सरकार से जवाब मांगा। मंत्री ने बताया कि मामले की जांच एसीबी करेगी। हालांकि विपक्ष ने सिर्फ कैशियर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने पर सवाल उठाया और मुख्य अभियंता और कार्यपालक अभियंता के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की।

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    झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन। फाइल फ़ोटो

    राज्य ब्यूरो, रांची। स्वर्णरेखा परियोजना, रांची में हुए लगभग 20 करोड़ रुपये के गबन के मामले की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) करेगा।

    पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी।

    उन्होंने स्वीकार किया कि स्वर्णरेखा परियोजना, रांची में लिपिक सह कैशियर संतोष कुमार ने फर्जी हस्ताक्षर कर राशि का गबन किया है।

    जांच में प्रथम दृष्ट्या दोषी पाए जाने के बाद उसके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। साथ ही मामले की जांच का अनुरोध एसीबी से किया गया है।

    मामले में सिर्फ कैशियर के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज किए जाने पर प्रदीप यादव ने सवाल उठाया कि सरकार की जांच में तत्कालीन मुख्य अभियंता प्रभात कुमार सिंह तथा कार्यपालक अभियंता चंद्रशेखर आदि पर प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं की गई, जबकि सरकार की जांच में दोनों दोषी पाए जा चुके हैं।

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    विपत्र में कार्यपालक अभियंता के भी हस्ताक्षर होते हैं। इसके जवाब में मंत्री ने कहा कि इन दोनों अभियंताओं के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया है।

    विभागीय कार्यवाही को खानापूर्ति बताते हुए प्रदीप यादव ने कहा कि जब उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई तो सरकार उन्हें विभागीय कार्यवाही से भी मुक्त कर दे।

    इन नेताओं का भी मिला साथ

    • प्रदीप यादव के समर्थन में सत्तापक्ष के ही विधायक झामुमो के स्टीफन मरांडी, हेमलाल मुर्मू तथा कांग्रेस के रामेश्वर यादव ने भी दोनों अभियंताओं के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की मांग उठाई। स्टीफन मरांडी ने आरोप लगाया कि अभियंताओं को बचाने की कोशिश की जा रही है।
    • मथुरा महतो ने भी सवाल उठाया कि जब छोटे कर्मचारी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज हुई तो उसी मामले में दोषी पाए जाने के बाद अभियंताओं के विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं की गई। हेमलाल मुर्मू ने कहा कि सिर्फ कैशियर के विरुद्ध प्राथमिकी से नीयत पता चल रही है।

    जब प्रदीप यादव ने दे दी धरना पर बैठने की धमकी

    कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव दोनों अभियंताओं के विरुद्ध भी प्राथमिकी दर्ज करने की मांग पर अड़ गए। उन्होंने अल्टीमेटम भी दिया कि प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई तो वे धरने पर बैठ जाएंगे।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पीकर रबीन्द्रनाथ महतो ने विधायकों की भावना को समझते हुए जवाब देने का सुझाव मंत्री को दिया।

    उन्होंने यह भी कहा कि मंत्री सदन की भावना को नहीं समझेंगे तो उन्हें नियमन देना पड़ जाएगा। इस बीच मंत्री भी अपनी बात पर अड़ गए कि विभागीय कार्यवाही में जो फलाफल आएगा, उसके आधार पर दोषी पाए जाने पर अभियंताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    उन्होंने इसके लिए एक सप्ताह का समय देने की मांग करते हुए कहा कि चलते सत्र में ही की गई कार्रवाई की जानकारी दे देंगे।

    इसपर प्रदीप यादव ने एक सप्ताह में जवाब आने तक प्रश्न को स्थगित करने का अनुरोध किया, जिसे स्पीकर ने स्वीकार कर लिया। इस प्रश्न पर सदन में लगभग आधे घंटे तक चर्चा होती रही।

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