Jharkhand: 'चतरा में आदिवासियों और पिछड़ों के घर पर चला बुलडोजर', MLA बोले- डीएफओ को बर्खास्त करे सरकार
झारखंड के चतरा जिले में आदिवासियों और पिछड़ों के घरों पर बुलडोजर चलने का मामला सामने आया है। लोजपा (रामविलास) के विधायक जनार्दन पासवान ने आरोप लगाया है कि आजादी से पहले से ही कटैया गांव में रह रहे लोगों के घरों को वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ) ने ढहा दिया। विधायक ने डीएफओ को बर्खास्त करने की मांग की है।

राज्य ब्यूरो, रांची। चतरा से लोजपा (रामविलास) के विधायक जनार्दन पासवान ने आरोप लगाया है कि आजादी से पूर्व कुंदा प्रखंड के कटैया गांव के आदिवासी और पिछड़ा वर्गों के परिवार जिस जमीन पर रह रहे थे, उसपर हुए निर्माण पर वहां के वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ) ने बुलडोजर चलवा दिया। राज्य सरकार डीएफओ राहुल कुमार मीणा को बर्खास्त करे।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों के घर ढ़ाहे गए हैं, उनका जमीन खतियानी है। हाल तक उनकी जमीन की पर्ची भी कटी है। इससे संबंधित सारा दस्तावेज उनके पास है। बगैर न्यायालय की मंजूरी के सारी कार्रवाई हुई। प्रभारी मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि वन भूमि होने के कारण कार्रवाई की गई।
इसपर विधायक जनार्दन पासवान ने कहा कि सरकारी जमीन पर सरकारी कार्यालय बना हुआ है, उसे क्यों नहीं हटाया गया? मंत्री ने कहा कि वे चालू सत्र में पूरी जानकारी लेकर इस विषय पर सदन को अवगत कराएंगे।
केंद्र ने नहीं दी धनबाद जलापूर्ति योजना के लिए एनओसी : मंत्री
राज्य सरकार के पेयजल आपूर्ति मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने आरोप लगाया कि धनबाद में जलापूर्ति योजनाएं इसलिए लंबित हैं, क्योंकि केंद्र सरकार के अधीन कार्यरत रेलवे और एनएचएआइ द्वारा इसके लिए एनओसी नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि इसे लेकर कई बार पत्राचार किया गया, लेकिन एनओसी नहीं मिला।
उन्होंने भाजपा विधायक राज सिन्हा के एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि धनबाद जलापूर्ति योजना का प्रथम फेज एनओसी मिलने के एक वर्ष तथा दूसरा फेज 15 माह में पूरा कर लिया जाएगा। राज्य सरकार एनओसी लेने के लिए प्रयास कर रही है।
इधर, केंद्र पर एनओसी नहीं देने के आरोप लगाने पर प्रतिक्रिया के रूप में भाजपा विधायक ने कहा कि केंद्र पर आरोप मढ़कर राज्य सरकार अपनी अकर्मण्यता छिपाना चाहती है। यहां लोगों को पानी नहीं मिल रहा है और मंत्री राजनीति कर रहे हैं। इस बीच लोगों को पानी कैसे मिलेगा के जवाब में मंत्री ने कहा कि इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
परिवहन क्षेत्र में कार्यरत कामगारों को मिले सामाजिक सुरक्षा
विधानसभा में विधायक अरूप चटर्जी ने बिहार में परिवहन क्षेत्र में कार्यरत असंगठित कामगारों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लागू किए जाने की जानकारी देते हुए कहा कि झारखंड में भी ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए।
उन्होंने झारखंड परिवहन कल्याण बोर्ड के गठन की मांग भी उठाई। जवाब में मंत्री दीपक बिरूवा ने बिहार में लागू योजनाओं का अध्ययन कर छह माह में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
ये भी पढ़ें- खाली कुर्सियां और छिपाकर रखी लाठियां, श्रम मंत्री के प्रोग्राम में RJD की गुटबाजी; 2 मिनट में निकल गए संजय
ये भी पढ़ें- Jharkhand: चतरा में रेंजर ने जंगल की 2 एकड़ जमीन पत्नी के नाम कराई, मुख्य सचिव के पास पहुंची शिकायत
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।