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    LED स्ट्रीट लाइट से बदली रांची की तस्वीर, बिजली बिल में आई भारी कमी

    Updated: Sat, 03 Jan 2026 11:56 PM (IST)

    रांची में एलईडी स्ट्रीट लाइटों ने शहर की तस्वीर बदल दी है। नगर निगम का वार्षिक बिजली बिल 49 करोड़ से घटकर 22 करोड़ रुपये हो गया है, जिससे बड़ी आर्थिक ...और पढ़ें

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    एलईडी बल्ब वाली स्ट्रीट लाइटें। (जागरण)

    जागरण संवाददाता, रांची। रांची शहर आज दुधिया रोशनी में नहाया हुआ नजर आता है। नगर निगम क्षेत्र में लगाए गए एलईडी-एलसीडी स्ट्रीट लाइटों ने न सिर्फ शहर की चमक बढ़ाई है, बल्कि बिजली खर्च में भी बड़ी बचत कर नगर निगम को आर्थिक राहत दी है।

    पुराने और अधिक बिजली खपत वाले स्ट्रीट लाइट सिस्टम की जगह आधुनिक एलईडी तकनीक अपनाने से शहर का बिजली बिल लगभग आधा हो गया है। रांची नगर निगम क्षेत्र में फिलहाल करीब 49 हजार स्ट्रीट लाइटें लगी हुई हैं। पहले इन स्ट्रीट लाइटों में 250 वाट के पारंपरिक बल्ब लगाए जाते थे, जिससे बिजली की खपत बहुत अधिक होती थी।

    इसके कारण नगर निगम को हर साल लगभग 49 करोड़ रुपये का बिजली बिल चुकाना पड़ता था। लेकिन अब एलईडी व्यवस्था के तहत 90 और 120 वाट के स्ट्रीट लाइट लगाए गए हैं, जिससे बिजली की खपत में भारी कमी आई है।

    नतीजतन अब नगर निगम का वार्षिक बिजली बिल घटकर लगभग 22 करोड़ रुपये रह गया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस 22 करोड़ रुपये के बिजली बिल में न सिर्फ स्ट्रीट लाइट, बल्कि शहर की हाई मास्ट लाइट, मिनी एचवाईडीटी, एचवाईडीटी और आश्रयगृहों का बिजली खर्च भी शामिल है। यानी एक ही व्यवस्था के तहत कई स्तरों पर ऊर्जा की बचत हो रही है।

    शहर में 2012-13 में एलईडी बल्ब वाली स्ट्रीट लाइट लगाने की हुई थी शुरुआत

    नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2012-13 के बाद से चरणबद्ध तरीके से शहर में एलईडी स्ट्रीट लाइट लगनी शुरू हुई। शुरुआत मुख्य सड़कों से हुई और अब यह व्यवस्था शहर की गलियों तक पहुंच चुकी है।

    एलईडी लाइटों की तेज और साफ रोशनी ने शहर की खूबसूरती में चार चांद लगा दिए हैं। एलईडी स्ट्रीट लाइट लगने से शहर की सड़कों पर हर ओर रोशनी ही रोशनी है।

    पहले शाम ढलते ही लोग घरों में सिमट जाया करते थे, लेकिन अब रोशनी की बेहतर व्यवस्था के कारण लोग बेझिझक शाम और रात के समय घूमने-फिरने निकलते हैं। एलईडी लाइट से आधे से अधिक राजस्व की बचत हो रही है, जो नगर निगम के लिए बड़ी उपलब्धि है।

    रौशनी से कम हुई आपराधिक घटनाएं, महिलाओं को मिली आजादी

    इसके अलावा, बेहतर रोशनी के कारण शहर में आपराधिक घटनाओं में भी कमी देखी गई है। खासतौर पर रात के समय महिलाओं को अधिक सुरक्षित माहौल मिला है और वे बिना डर के सड़कों पर निकलती दिखाई देती हैं।

    इस तरह एलईडी स्ट्रीट लाइट न सिर्फ ऊर्जा और पैसे की बचत कर रही है, बल्कि रांची को एक सुरक्षित, सुंदर और जीवंत शहर बनाने में भी अहम भूमिका निभा रही है।

    स्ट्रीट लाइट से राजस्व की भारी बचत हुई है। शहर की सुंदरता बढ़ी है और लोग अब रात को भी आसानी से शहर में सुरक्षित घूम रहे है। पहले लगभग सलाना 49 करोड़ बिजली बिल था, अब 22 करोड़ हो गया है।

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    सौरभ केसरी, सहायक अभियंता, लाइट सेक्शन, नगर निगम