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    खलारी रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म 1 और 2 का नहीं होगा विकास, रेलवे ने बताई वजह

    Updated: Sun, 04 Jan 2026 09:00 AM (IST)

    खलारी रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म संख्या एक-दो के विस्तार पर तकनीकी कारणों से रोक लगा दी गई है, जिससे यात्रियों में भारी असंतोष है। जबकि प्लेटफॉर्म तीन ...और पढ़ें

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     खलारी रेलवे स्टेशन। फोटो जागरण

    संवाद सूत्र, खलारी। पूर्व मध्य रेलवे के धनबाद रेल मंडल अंतर्गत खलारी रेलवे स्टेशन में तकनीकी अड़चन का हवाला देकर प्लेटफॉर्म संख्या एक-दो के लंबाई विस्तार पर रोक लगा दी गई है, जबकि हाल के वर्षों में इसी स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या तीन-चार की लंबाई बढ़ाई जा चुकी है। इस विरोधाभासी निर्णय को लेकर यात्रियों और स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

    खलारी रेलवे स्टेशन कोयलांचल क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण स्टेशन है। इस क्षेत्र से होने वाली कोयला ढुलाई के एवज में रेलवे को प्रतिवर्ष अरबों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। हजारो यात्री प्रतिदिन यहां से आवागमन करते हैं। बावजूद इसके, यात्री सुविधाओं के विस्तार को लेकर खलारी स्टेशन को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिल पा रही है।

    रेलवे रिकार्ड के अनुसार खलारी स्टेशन नान-सबअर्बन ग्रेड-5 (एनएसजी-5) श्रेणी में आता है। खलारी स्टेशन पर वर्तमान में सात एक्सप्रेस ट्रेनों का अप-डाउन में ठहराव है। इन ट्रेनों में सामान्यतः 18 से 22 कोच लगे होते हैं।

    प्लेटफॉर्म संख्या एक और दो की लंबाई कम होने के कारण अक्सर पांच से छह कोच प्लेटफॉर्म के बाहर रुक जाते हैं, जिससे यात्रियों को चढ़ने-उतरने में भारी परेशानी होती है। महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से जोखिमपूर्ण बन जाती है।

    मालूम हो कि खलारी की जनता लंबे समय से प्लेटफॉर्म संख्या एक-दो तथा तीन-चार की लंबाई बढ़ाने की मांग करती आ रही है। हाल के वर्ष में प्लेटफॉर्म संख्या तीन-चार की लंबाई तो बढ़ा दी गई, लेकिन प्लेटफॉर्म संख्या एक-दो को अब भी विस्तार से वंचित रखा गया है।

    वर्तमान में खलारी स्टेशन पर थर्ड रेल लाइन बिछाने का कार्य कर रही रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) द्वारा प्लेटफॉर्म संख्या एक और दो की ऊंचाई बढ़ाकर उस पर टाइल्स लगाने का काम किया जा रहा है,लेकिन रेलवे और आरवीएनएल दोनों ने स्पष्ट किया है कि प्लेटफॉर्म की लंबाई नहीं बढ़ाई जाएगी।

    रेलवे और आरवीएनएल के अपने-अपने तर्क

    प्लेटफॉर्म एक और दो के विस्तार को लेकर रेलवे और आरवीएनएल के अपने-अपने तर्क सामने आ रहे हैं। प्लेटफॉर्म एक-दो का सुंदरीकरण कर रही आरवीएनएल के संबंधित अधिकारी ने एसओडी (सिड्यूल आफ डायमेंशन) मानकों का हवाला देते हुए कहा कि जब तक रेलवे द्वारा फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) का पुनर्निर्माण नहीं किया जाता, तब तक प्लेटफॉर्म की लंबाई बढ़ाना संभव नहीं है।

    वहीं, आईओडब्लू, टोरी का कहना है कि प्लेटफॉर्म एक और दो पर कार्य आरवीएनएल द्वारा किया जा रहा है, इसलिए लंबाई विस्तार की जिम्मेदारी भी उसी की बनती है। एफओबी के संबंध में उन्होंने बताया कि प्रस्ताव भेजा जा चुका है और स्वीकृति मिलने के बाद ही निर्माण संभव होगा। आईओडब्लू के अनुसार एफओबी के लिए प्लेटफॉर्म की न्यूनतम चौड़ाई 10 मीटर होनी चाहिए।

    यात्रियों में बढ़ रहा असंतोष

    स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि जब इसी स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या तीन और चार पर तकनीकी प्रक्रिया पूरी कर विस्तार किया जा सकता है, तो समान स्टेशन परिसर में प्लेटफॉर्म एक और दो के लिए केवल चौड़ाई का हवाला देना उचित नहीं है। रेलवे मानकों में यात्री सुरक्षा और सुविधा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी गई है और तकनीकी समाधान के माध्यम से पुराने प्लेटफॉर्म पर भी विस्तार संभव है।

    खलारी के लोगों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि प्लेटफॉर्म संख्या एक और दो का पुनः तकनीकी सर्वे कराकर यात्रियों की बढ़ती संख्या, कोयला क्षेत्र की महत्ता और सुरक्षा पहलुओं को ध्यान में रखते हुए लंबाई विस्तार का निर्णय लिया जाए, ताकि यात्रियों को वर्षों से चली आ रही इस समस्या से राहत मिल सके।

    फोटो:- 03 खलारी 01:- खलारी स्टेशन के प्लेटफॉर्म दो से बाहर रूके संबलपुर-जम्मूतवी एक्सप्रेस के कई कोच।
    03 खलारी 02:- आरवीएनएल द्वारा प्लेटफॉर्म एक-दो की बढ़ाई जा रही ऊंचाई।