Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Jharkhand News: JPSC ने खेला बड़ा खेल... असिस्टेंट इंजीनियर बहाली पर मारा यू टर्न

    By Alok ShahiEdited By:
    Updated: Thu, 09 Jun 2022 06:26 AM (IST)

    Jharkhand News झारखंड लोक सेवा आयोग फिर से विवादों में है। इस बार सहायक अभियंता नियुक्ति में पेंच फंसा है। हाई कोर्ट में जेपीएससी ने पलटी मारते हुए कहा कि पीटी में आरक्षण नहीं दिया गया है। जबकि पहले शपथ पत्र में आरक्षण देने की बात कही थी।

    Hero Image
    Jharkhand News: सहायक अभियंता बहाली के मामले में झारखंड लोक सेवा आयोग फिर से विवादों में है।

    रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand News झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में सहायक अभियंता नियुक्ति मामले में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान जेपीएससी की ओर से पूर्व में दाखिल शपथ पत्र को वापस लेने और संशोधित शपथ पत्र दाखिल करने की मांग की गई है। अदालत ने जेपीएससी को इसके लिए याचिका दाखिल करने का निर्देश दिया। उक्त मामले में प्रार्थी की ओर से भी जवाब दाखिल करने के लिए समय की मांग की है। जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। मामले में अगली सुनवाई 14 जून को होगी।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता राजीव रंजन की ओर से अदालत को बताया गया कि सहायक अभियंता नियुक्ति मामले में पीटी (प्रारंभिक परीक्षा) का परिणाम नियमावली के अनुसार जारी किया गया है। वैसे अभ्यर्थियों को आरक्षित श्रेणी में रखा गया है, जिन्हें सामान्य श्रेणी से ज्यादा अंक मिले हैं। इसे आरक्षण नहीं माना जा सकता है। इस पर प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने विरोध करते हुए कहा कि यदि पीटी परीक्षा में किसी अभ्यर्थी को आरक्षित श्रेणी में रखा जाता है तो उसे ही आरक्षण देना कहते हैं।

    यह भी पढ़ें : पूजा सिंघल जी, जेल में कोई परेशानी तो नहीं है... कोर्ट के सवाल पर भावुक हो गईं IAS मैडम...

    इस दौरान जेपीएससी की ओर से कहा गया कि वह पूर्व में दाखिल अपने शपथ पत्र को वापस लेना चाहती है। इसमें संशोधन करना है। इस पर अदालत ने कहा कि इसके लिए कोर्ट में आवेदन दाखिल किया जाए। प्रार्थी के अधिवक्ता अमृतांश वत्स की ओर से इसका विरोध किया गया। उन्होंने अदालत को बताया कि अदालत में जेपीएससी ने एक बार स्टैंड लिया था। अब उसमें बदलाव नहीं किया जा सकता है।

    उन्होंने इस मामले में जवाब दाखिल करने के लिए कोर्ट से समय की मांग की है। जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। बता दें भास्कर ने इस संबंध में हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में कहा गया है कि सहायक अभियंता की नियुक्ति में कोटिवार परिणाम जारी किया गया है। वहीं, आरक्षित श्रेणी के कुछ अभ्यर्थियों को आरक्षण देते हुए सामान्य श्रेणी में रखा गया है। जबकि पीटी परीक्षा में आरक्षण देने की सरकार की कोई नीति नहीं है।