Jharkhand सरकार ने प्लस टू के बच्चों के लिए लिया बड़ा फैसला, छात्रहित में करेगी ये काम
झारखंड सरकार प्लस टू स्कूलों के 11वीं-12वीं के छात्रों के लिए प्रतियोगिता पत्रिका प्रकाशित करेगी। इसका उद्देश्य मेडिकल, इंजीनियरिंग समेत अन्य प्रतियोग ...और पढ़ें

राज्य के सरकारी प्लस टू स्कूलों में पढ़नेवाले 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए राज्य सरकार प्रतियोगिता पत्रिका का प्रकाशन कराएगी।
राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य के सरकारी प्लस टू स्कूलों में पढ़नेवाले 11वीं और 12वीं के विद्यार्थी मेडिकल, इंजीनियरिंग एवं अन्य प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी कर सकें, इसके लिए प्रतियोगिता पत्रिका का प्रकाशन किया जाएगा।
साथ ही माध्यमिक एवं प्लस टू स्कूलों में पढ़नेवाले नौवीं से 12वीं के विद्यार्थियों के लिए विज्ञान पत्रिका का भी प्रकाशन किया जाएगा। सरकारी स्कूलों के बच्चों में प्रतियोगिता परीक्षाओं को लेकर उत्सुकता बढ़ाने तथा तैयारी में शैक्षणिक मदद पहुंचाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
इन पत्रिकाओं का प्रकाशन प्रत्येक माह होगा। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में इन पत्रिकाओं के प्रकाशन के लिए मुद्रक के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।प्रतियोगिता एवं विज्ञान दोनों पत्रिकाएं कवर सहित सौ-सौ पृष्ठों की होगी।
पत्रिका चार रंगों में होगी। कागज और कवर की गुणवत्ता का भी निर्धारण कर लिया गय है। मुद्रक की जिम्मेदारी पत्रिकाओं के प्रकाशन के साथ-साथ उसे प्रत्येक जिला के जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय तक पहुंचाने की होगी।
वहां से उसे स्कूलों में वितरण किया जाएगा। सरकारी स्कूलों के लिए पूर्व की तरह पंख पत्रिका का भी मासिक प्रकाशन जारी रहेगा। इसके तहत जूनियर पंख तथा सीनियर पंख पत्रिका का प्रकाशन किया जाएगा।
ये दोनों पत्रिकाएं कवर सहित क्रमश: 40 तथा 32 पृष्ठ की होती है। पंख पत्रिका का प्रकाशन समग्र शिक्षा अभियान के तहत होता है, जिसके लिए 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार देती है, जबकि 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार वहन करती है।
इन चारों पत्रिकाओं का प्रकाशन तीन पैकेजों में होगा। पहले पैकेज में पंख (जूनियर एवं सीनियर), दूसरे पैकेज में प्रतियोगिता पत्रिका तथा तीसरे पैकेज में विज्ञान पत्रिका का प्रकाशन होगा। चयनित म़ुद्रक या मुद्रकों को पत्रिका के प्रकाशन की जिम्मेदारी एक वर्ष के लिए दी जाएगी।
प्रत्येक माह इतनी पत्रिकाओं का होगा प्रकाशन
- प्रतियोगिता पत्रिका : 4,16,880
- विज्ञान पत्रिका : 6,88,560
- जूनियर पंख पत्रिका : 3,48,500
- सीनियर पंख पत्रिका : 36,900

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