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पहले से थीं 4 बेटियां, 5वीं को पैदा होते ही 9000 में बेचा, हो-हल्‍ला मचने के बाद पुलिस ने खोज निकाला

Jharkhand News प्रसूता ने नवजात बेटी को नौ हजार रुपये में बेच दिया। जिसे पुलिस ने बहुत खोजबीन के बाद बरामद कर लिया है। मामला झारखंड के गढ़वा जिले का है। मनोज ठाकुर की पत्नी सीता देवी ने सहिया रीना के साथ सौदा कर प्रभा देवी को बच्‍ची बेच दी।

By Alok ShahiEdited By: Wed, 29 Jun 2022 06:25 AM (IST)
पहले से थीं 4 बेटियां, 5वीं को पैदा होते ही 9000 में बेचा, हो-हल्‍ला मचने के बाद पुलिस ने खोज निकाला
Jharkhand News: झारखंड, गढ़वा की प्रसूता ने नवजात बेटी को नौ हजार रुपये में बेच दिया।

श्री बंशीधर नगर (गढ़वा)। Jharkhand News श्रीबंशीधर नगर थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला प्रकाश में आया है। जन्म देने वाली मां ने ही अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद अपनी नवजात लड़की को नौ हजार रुपये में दूसरे के हाथों बेच दिया। घटना 25 जून की है। लेकिन इसका खुलासा तब हुआ, जब प्रसूता के बिना बच्ची के घर जाने पर ससुराल में कोहराम मच गया। स्वजनों ने नवजात को वापस लाने के लिए भागदौड़ करते हुए पुलिस के पास पहुंच गए।

जानकारी के अनुसार गरबांध गांव निवासी मनोज ठाकुर की पत्नी सीता देवी को प्रसव पीड़ा होने के बाद 25 जून को उसे अनुमंडलीय अस्पताल ले जा रहे थे। इस दौरान गाड़ी में ही महिला ने एक लड़की को जन्म दे दिया। इसके बाद जच्चा-बच्चा को अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। सीता देवी को पहले से ही चार बेटियां थी। पांचवीं बेटी के जन्म से वह परेशान हो गई। अस्पताल में सीता देवी के साथ उसकी मां परिमनी देवी भी आई थी। अस्पताल में सीता देवी की सहमति से उसकी मां परिमनी देवी ने सहिया रीना देवी से बातचीत कर नौ हजार रुपये में नवजात लड़की को बेचने का सौदा कर दिया।

अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद परिमनी देवी ने सहिया रीना देवी के सहयोग से खरौंधी थाना क्षेत्र के नावाडीह टोला निवासी दशरथ पासवान की पत्नी प्रभा देवी को दे दी। दशरथ पासवान एवं प्रभा देवी निःसन्तान दंपती हैं। इसके पश्चात परिमनी देवी के साथ सीता देवी बिना नवजात को लिए ही घर पहुंची तो वहां हंगामा शुरू हो गया। तब सोमवार को सहिया रीना देवी के साथ मनोज ठाकुर एवं उसके स्वजन नवजात को वापस लाने के लिए खरौंधी के नावाडीह टोला निवासी दशरथ पासवान के घर पहुंचे। लेकिन दशरथ पासवान एवं उसकी पत्नी ने नवजात लड़की को देने से इंकार कर दिया।

इसके पश्चात मंगलवार की सुबह मनोज ठाकुर के स्वजनों ने एसडीपीओ प्रमोद कुमार केसरी से मिलकर आपबीती सुनाते हुए नवजात लड़की को वापस दिलाने की गुहार लगाई। एसडीपीओ ने मामले तत्काल करते हुए खरौंधी थाना पुलिस को दशरथ पासवान के यहां से नवजात लड़की को बरामद करने का निर्देश दिया। खरौंधी थाना पुलिस ने नवजात को बरामद कर चाइल्डलाइन भवनाथपुर के माध्यम से जिला बाल कल्याण समिति के समक्ष नवजात लड़की व उसे जन्म देने वाली मां सीता को प्रस्तुत किया। सीता देवी के काउंसिलिंग के बाद सीडब्ल्यूसी ने नवजात बच्ची को उसे सुपुर्द कर दिया है।

चाइल्डलाइन भवनाथपुर के माध्यम से नवजात लड़की को लाया गया था। लड़की को जन्म देने वाली मां की काउंसिलिंग कर नवजात को उसे सुपुर्द कर दिया गया है। इस मामले में अग्रेतर कार्रवाई की जा रही है। प्रणव कुमार, चेयरपर्सन, सीडब्ल्यूसी, गढ़वा।