Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    Jharkhand Politics: निकाय चुनाव को दलीय बनाने पर दो खेमों में बंटी राजनीति,BJP दलीय की पक्षधर

    By Pradeep Singh Edited By: Kanchan Singh
    Updated: Thu, 01 Jan 2026 10:30 PM (IST)

    झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक गरमा गई है। भाजपा दलीय आधार पर चुनाव कराने की मांग कर रही है, पारदर्शिता और जवाबदेही का तर्क दे रही है। वह ...और पढ़ें

    Hero Image

    झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ने वाला है।


    -दलीय बनाम गैर दलीय चुनाव को लेकर राजनीति हुई तेज
    राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ने वाला है। अभी बहस का केंद्र स्थानीय विकास के मुद्दे नहीं, बल्कि चुनाव कराने को लेकर दलों के तर्क हैं।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    भाजपा द्वारा नगर निकाय चुनाव को दलीय आधार पर कराने की मांग ने राज्य की राजनीति को दो साफ खेमों में बांट दिया है। एक ओर भाजपा इस मांग को लोकतांत्रिक पारदर्शिता और जवाबदेही से जोड़ रही है, तो दूसरी ओर तैयारी गैर दलीय व्यवस्था के तहत चुनाव कराने को हो रही है।

    भाजपा का तर्क है कि यदि नगर निकाय चुनाव दलीय आधार पर होंगे तो मतदाता यह स्पष्ट रूप से जान सकेंगे कि कौन सा प्रत्याशी किस विचारधारा का प्रतिनिधित्व करता है। पार्टी का दावा है कि इससे शहरी विकास को स्पष्ट दिशा मिलेगी। 

    साथ ही चुने गए जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही भी तय होगी। दलीय चुनाव होने पर विकास कार्यों का श्रेय और विफलताओं की जिम्मेदारी सीधे संबंधित पार्टी पर तय की जा सकेगी, जिससे लोकतंत्र मजबूत होगा।

    पार्टी यह भी तर्क दे रही है कि कई राज्यों में नगर निकाय चुनाव दलीय आधार पर होते हैं और वहां शहरी प्रशासन अधिक संगठित और जवाबदेह नजर आता है।

    भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं - कांग्रेस

    भाजपा की दलील पर कांग्रेस ने कटाक्ष करते हुए कहा है कि पार्टी के पास कोई मुद्दा नहीं है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि विपक्ष में रहकर सिर्फ विरोध करने की प्रवृति सही नहीं है। यह एक वर्ष पूर्व ही तय हो गया था कि चुनाव गैर दलीय आधार पर होंगे।

    भाजपा के नेताओं ने उस समय कुछ नहीं कहा। चुनाव दलीय आधार पर होने में भी कोई दिक्कत नहीं है। भाजपा के नेताओं को आमलोगों की समस्याओं के समाधान से कोई मतलब नहीं है। किसी काम को उलझाना इनका उद्देश्य है।

    चुनाव गैर दलीय, लेकिन रणनीति दलीय

    नगर निकाय चुनाव गैर दलीय आधार पर ही कराए जाएंगे। हालांकि इसके बावजूद सभी प्रमुख राजनीतिक दल अंदरखाने अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं।

    प्रत्याशियों को पार्टी लाइन के मुताबिक काम करने, प्रचार की दिशा तय करने और संगठनात्मक समर्थन देने की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इसमें विभिन्न राजनीतिक दलों की भूमिका अहम रहेगी। सामाजिक संगठन और शहरी नागरिक समूह भी सक्रिय हो गए हैं।