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नवरात्र पर झारखंड सरकार का तोहफा: दुग्ध उत्पादकों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि, जूनियर इंजीनियरों का हुआ प्रमोशन

Published: Sun, 28 Sep 2025 10:42 PM (IST)

मिल्क फेडरेशन लगभग 60 हजार उत्पादकों को प्रोत्साहन राशि देगा। कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने बताया कि अप्रैल 2025 ...और पढ़ें

नवरात्र से पहले दुग्ध उत्पादकों को मिल जाएगा भुगतान
नवरात्र से पहले दुग्ध उत्पादकों को मिल जाएगा भुगतान

HighLights

  1. 60 हजार दुग्ध उत्पादकों को प्रोत्साहन राशि |
  2. अप्रैल 2025 से अगस्त 2025 तक की राशि जारी |
  3. 108 कनीय अभियंता सहायक अभियंता बने |

राज्य ब्यूरो, रांची। नवरात्रि के पावन मौके पर झारखंड के दुग्ध उत्पादकों के लिए एक अच्छी खबर है। झारखंड मिल्क फेडरेशन ने राज्य के करीब 60 हजार दुग्ध उत्पादकों को प्रोत्साहन राशि की सौगात इसी दौरान देने का निर्णय लिया है।

कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने बताया है कि अप्रैल 2025 से अगस्त 2025 तक के बकाया प्रोत्साहन राशि को विभाग के द्वारा निर्गत कर दिया गया है। विभाग ने दुग्ध उत्पादकों को दिए जाने वाले 5 रुपए प्रति लीटर की प्रोत्साहन राशि के मद में 16 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं।

अब इस राशि को दुग्ध उत्पादकों के बैंक खातों में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। झारखंड मिल्क फेडरेशन के द्वारा वर्तमान में प्रतिदिन 2.53 लाख लीटर दुग्ध संग्रहित किया जा रहा है।

दुग्ध संग्रहण की बढ़ती क्षमता के साथ झारखंड श्वेत क्रांति की दौड़ में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार की योजनाएं दुग्ध उत्पादकों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के साथ-साथ स्वावलंबी बनाने में मददगार साबित हो रही हैं।

108 कनीय अभियंता को सहायक अभियंता में दी गई प्रोन्नति

पेयजल स्वच्छता विभाग में नई योजनाओं को स्वीकृति मिलने के काम में अब तेजी आएगी। विभाग ने 108 कनीय अभियंता (जेई) को सहायक अभियंता के पद पर प्रोन्नत किया है। विभाग में नई योजनाओं की स्वीकृति और पूर्ण हुई योजना के अंतिम भुगतान के लिए सहायक अभियंता की स्वीकृति आवश्यक होती है।

108 नए सहायक अभियंता के पदस्थापन के बाद नल जल योजना समेत जलापूर्ति के दूसरे कार्यों में तेजी आएगी। पेयजल स्वच्छता विभाग ने इसके साथ ही कनीय अभियंताओं का ट्रांसफर भी किया है, जबकि नव प्रोन्नत सहायक अभियंताओं की पदस्थापना कर दी गई है। दुर्गा पूजा के पहले ही इन सहायक अभियंताओं ने विभिन्न प्रमंडलों में पदभार ग्रहण कर लिया है।

राज्य सरकार के निर्देश के मुताबिक नल से घरों तक जल पहुंचाने की योजना की देखरेख के लिए प्रत्येक जिले में दो सहायक अभियंता को विशेष तौर पर नियुक्त करना है। इस निर्देश के बाद विभाग के नियमित कार्यों के लिए सहायक अभियंताओं की कमी हुई थी।

केंद्रीय टीम ने अभियंताओं की कमी का उठाया है मुद्दा

राज्य में केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय की तरफ से जल जीवन मिशन योजना के तहत घरों तक जलापूर्ति की योजना चलाई जा रही है। इसमें केंद्र सरकार 50 प्रतिशत का अंशदान कर रही है।

योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए केंद्रीय टीम मे विभाग में अभियंताओं की कमी से काम प्रभावित होने का मुद्दा उठाया है। अब विभागीय स्तर पर ही प्रोन्नति के जरिए इस कमी को पूरा करने की कोशिश की गई है।

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