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    झारखंड के सरकारी स्कूलों में शिक्षा क्रांति : मंत्री, विधायक और सांसद भी पहुंच रहे स्कूल

    By Neeraj Ambastha Edited By: Kanchan Singh
    Updated: Thu, 01 Jan 2026 12:55 PM (IST)

    झारखंड के सरकारी स्कूलों में शिक्षा सुधार के लिए सामुदायिक सहभागिता पर जोर दिया जा रहा है। पहली बार अभिभावक-शिक्षक बैठकें (पीटीएम) आयोजित हुईं, जिनमें ...और पढ़ें

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    सरकारी स्कूली व्यवस्था में सुधार लाने के लिए भी सामुदायिक सहभागिता पर जोर दिया जा रहा है।

    राज्य ब्यूरो, रांची। शिक्षा में सुधार हो या किसी अन्य क्षेत्रों में। राज्य सरकार और जिला प्रशासन के प्रयास के साथ-साथ सामुदायिक सहभागिता भी जरूरी होती है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकारी स्कूली व्यवस्था में सुधार लाने के लिए भी सामुदायिक सहभागिता पर जोर दिया जा रहा है।

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    इस कड़ी में पहली बार सरकारी स्कूलों में अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) का आयोजन किया गया। सबसे बड़ी बात यह रही कि इसमें स्थानीय सांसद और विधायक भी पहुंचे और शिक्षकों, अभिभावकों तथा बच्चों का मनोबल बढ़ाया।

    साथ ही शिक्षा में सुधार को लेकर कई सुझाव भी दिए। नए वर्ष में इस प्रयास को और सुदृढ़ करने तथा इसमें अधिक से अधिक जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है।

    इस वर्ष 16 जनवरी को विशेष अभिभावक शिक्षक बैठक उन चिह्नित स्कूलों में होनी है, जिनका प्रदर्शन या तो टाप पर रहा है या जो रिजल्ट आदि में सबसे अधिक पिछड़ रहे हैं। लक्ष्य रखा गया है कि प्रत्येक मंत्री, सांसद और विधायक कम से कम 10-10 स्कूलों का भ्रमण करें।

    इधर, पहली बार सरकारी स्कूलों में शीतकालीन अवकाश का उपयोग करने के लिए ''ग्राम शिक्षा संगम'' का आयोजन किया जा रहा है। इस अवकाश अवधि में स्कूली बच्चों में निरंतर पढ़ने की आदत बनी रहे, इसे ध्यान में रखते हुए यह पहल की गई है।

    स्कूल प्रबंधन समिति, पंचायती राज प्रतिनिधि, अभिभावक और स्वयंसेवकों के सहयोग से गांव के सामुदायिक स्थलों या अन्य सार्वजनिक जगहों पर बच्चे कहानियां पढ़ रहे हैं, चित्रों पर चर्चा कर रहे हैं, समूह में पढ़ाई कर रहे हैं तथा अपने अनुभव साझा कर रहे हैं।

    नए वर्ष में खुलेंगे 100 अतिरिक्त उत्कृष्ट विद्यालय

    नए वर्ष में 100 अतिरिक्त उत्कृष्ट विद्यालय (सीएम स्कूल आफ एक्सीलेंस) खोले जाएंगे। अभी तक राज्य में निजी स्कूलों की तर्ज पर ऐसे 80 स्कूल खोले गए हैं, जिनका बोर्ड परीक्षाओं में काफी बेहतर परिणाम आया है।

    राज्य सरकार का प्रयास इन स्कूलों में निजी स्कूलों की तरह तमाम सुविधाएं पहुंचाना हैं। इन स्कूलों का संचालन सीबीएसई से संबद्धता दिलाकर किया जा रहा है। 100 नए उत्कृष्ट विद्यालयों को भी सीबीएसई से संबद्धता दिलाई जाएगी।