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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 28, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

झारखंड के पूर्व मंत्री बंधु तिर्की की मुश्किलें बढ़ीं... आय से अधिक संपत्ति मामले में फैसला आज...

By Sanjay KumarEdited By:
Published: Mon, 28 Mar 2022 01:12 PM (IST)Updated: Mon, 28 Mar 2022 02:05 PM (IST)

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Jharkhand Politics: पूर्व मंत्री बंधु तिर्की से जुड़े आय से अधिक संपत्ति मामले में आज सीबीआइ कोर्ट का आएगा फैसला
Jharkhand Politics: पूर्व मंत्री बंधु तिर्की से जुड़े आय से अधिक संपत्ति मामले में आज सीबीआइ कोर्ट का आएगा फैसला

रांची, जासं। Jharkhand Politics पूर्व मंत्री बंधु तिर्की से जुड़े आय से अधिक संपत्ति मामले में आज सीबीआइ कोर्ट का फैसला आएगा। बंधु तिर्की पर मंत्री रहते छह लाख रुपये आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। झारखंड हाइकोर्ट में मामला सामने आने के बाद 11 अगस्त 2010 को सीबीआइ ने प्राथमिकी दर्ज की थी।

16 जनवरी 2019 को अदालत में बंधु तिर्की पर आरोप गठित हुआ था। अगर आज सीबीआइ कोर्ट के फैसले में बंधु तिर्की को दो साल से अधिक की सजा हुई तो उनकी विधायकी चली जाएगी। आपको बता दें कि बंधु वर्तमान में कांग्रेस के विधायक हैं।

बता दें कि बंधु तिर्की के खिलाफ आय से छह लाख 28 हजार 698 रुपए अधिक अर्जित करने का आरोप है। वह इस मामले में जेल जाने के बाद जमानत पर चल रहे हैं। सीबीआइ ने बंधु तिर्की के खिलाफ कोड़ा कांड में 11 अगस्त 2010 को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी।

सीबीआई के विशेष जज पीके शर्मा की अदालत ने पिछले दिनों बंधु तिर्की को बहस प्रारंभ करने का निर्देश दिया था। मामले में सीबीआई की ओर से 6 दिसंबर 2019 को ही बहस पूरी होने के बाद बंधु तिर्की का बयान दर्ज किया गया था। बयान के बाद उनकी ओर से अपने बचाव में गवाहों को पेश किया गया। 5 मार्च 2020 को गवाही बंद होने के बाद मामला बहस पर चला गया। कोविड-19 के प्रकोप के कारण मामले की सुनवाई प्रभावित रही। हालांकि कोर्ट की सख्ती के बाद सुनवाई में तेजी आई। आज सीबीआइ कोर्ट में बंधु तिर्की पर फैसला आएगा।

आपको ये भी बता दें कि सीबीआइ जांच में यह पता चला है कि बंधु तिर्की ने मधुकोरा की सरकार में विधायक रहते हुए मार्च 2005 से जून 2009 तक आय से अधिक राशि अर्जित की थी। इस मामले में अभियोजन की ओर से 21 तथा बचाव पक्ष की ओर से 8 गवाह पेश किये गये थे।