विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jharkhand Seat Sharing: अचानक दिल्ली से रांची पहुंचे झारखंड कांग्रेस प्रभारी, सीट शेयरिंग को लेकर दिया बड़ा अपडेट

Published: Mon, 09 Sep 2024 01:39 PM (IST)

Jharkhand Assembly Election झारखंड में विधानसभा चुनाव होने हैं। अब तक सीट शेयरिंग (Seat Sharing Update) पर झामुमो और कांग्रेस ...और पढ़ें

झारखंड विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज। फाइल फोटो
झारखंड विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज। फाइल फोटो

HighLights

  1. अधिक सीटों पर जीत दर्ज करना लक्ष्य, जिन सीटों पर हम मजबूत हैं वही मांगेंगे
  2. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, कांग्रेस के मंत्रियों और सीनियर नेताओं के साथ की बैठक

राज्य ब्यूरो, रांची। Jharkhand Seat Sharing Update: झारखंड में जैसे-जैसे चुनाव के दिन नजदीक आते जा रहे हैं वैसे-वैसे राजनीतिक दलों के अंदर तपिश देखी जा रही है। सभी दल जल्दी-जल्दी निर्णय लेने की होड़ में शामिल दिख रहे हैं। झारखंड में कांग्रेस भी इसी रास्ते पर है।

झारखंड प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी गुलाम अहमद मीर रविवार की रात सूचना को सार्वजनिक किए बगैर रांची पहुंचे और सोमवार की सुबह-सुबह वापस लौट गए। नई दिल्ली होते हुए वे जम्मू कश्मीर चले जाएंगे, जहां से स्वयं विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं।

मीर को कश्मीर में भी चुनावी तैयारियों को देखना है और झारखंड के प्रभारी होने के नाते झारखंड का भी कामकाज देख रहे हैं। सोमवार को झारखंड के सीनियर नेताओं के साथ उन्होंने लगभग दो घंटे तक बैठक की।

इस दौरान उन सीटों की भी चर्चा हुई जहां से कांग्रेस चुनाव लड़ना चाहती है।

मुख्यमंत्री से नियमित संपर्क में पार्टी के नेता- मीर

बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मीर ने कहा कि 10-12 दिनों में सीट शेयरिंग पर फैसला हो जाएगा। अधिक से अधिक 15 दिन लगेंगे। झामुमो के नेताओं और खासकर मुख्यमंत्री से नियमित संपर्क में पार्टी के नेता हैं और मेरी भी बात हो रही है।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अधिक सीटों पर चुनाव लड़ना पार्टी का लक्ष्य नहीं है बल्कि अधिक सीटों पर जीत दर्ज करने की मंशा से चुनाव में उतर रहे हैं।

सोमवार को प्रदेश कांग्रेस प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने सह प्रभारी डॉ. बेला प्रसाद, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव

महतो कमलेश और विधायक दल के नेता डॉ. रामेश्वर उरांव समेत कई सीनियर नेताओं के साथ बैठक की।

बैठक में प्रचार, चुनावी घोषणा पत्र आदि कई मुद्दों को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने सभी को चुनावी तैयारियों में जुटने का निर्देश दिया जिसके बाद वे वापस चले गए। वापसी के क्रम में उनके साथ पार्टी के कई सीनियर नेता मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें-

'पार्टी टूटकर जुड़ सकती है, दिल नहीं...' चिराग से सुलह पर बोले पशुपति पारस, अब बहुत देर हो चुकी

जीतन राम मांझी ने शराबबंदी की फिर खोल दी पोल, लालू-राबड़ी और अनुच्छेद 370 पर बयान से मचेगा बवाल