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    Jharkhand Budget Session: विपक्ष को हावी होने का मौका नहीं देगा सत्तापक्ष, CM हेमंत ने बनाई रणनीति

    झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में सत्तापक्ष विपक्ष को हावी नहीं होने देगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधायकों को सदन में हर हाल में मौजूद रहने का निर्देश दिया। बैठक में मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि सत्तापक्ष विपक्ष के हर सवाल का जवाब देगा। मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सभी को विषयों का अध्ययन करके सदन में आने का निर्देश दिया। सत्तापक्ष सहयोग और सकारात्मक सुझावों के लिए तैयार रहेगा।

    By Pradeep singh Edited By: Rajat Mourya Updated: Mon, 24 Feb 2025 07:43 AM (IST)
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    विपक्ष को हावी होने का मौका नहीं देगा सत्तापक्ष, CM हेमंत ने बनाई रणनीति (फोटो- एक्स)

    राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र (Jharkhand Budget Session) के दौरान विपक्ष को सत्तापक्ष हावी होने का मौका नहीं देगा। रविवार को सत्तापक्ष के विधायकों की संयुक्त बैठक में इस बाबत रणनीति बनी। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने की। उन्होंने सभी विधायकों को हर हाल में सदन में मौजूद रहने का निर्देश दिया है।

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    झामुमो, कांग्रेस, राजद के विधायकों की डॉ. श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान में बैठक हुई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि नए विधायक और अनुभवी सदस्य बेहतर तालमेल और परस्पर सहयोग व समन्वय से सदन की कार्यवाही में हिस्सा लें।

    सदन में जनहित में विषयों का निष्पादन कराने में सत्तापक्ष सकारात्मक रूप से सहयोग करे। बैठक में कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी के राजू सहित झामुमो, कांग्रेस, राजद और भाकपा-माले के विधायक शामिल हुए।

    विपक्ष के हर सवाल का देंगे जवाब - राधाकृष्ण किशोर

    बैठक के बाद राज्य सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि सदन के सुचारू संचालन की पूरी तैयारी है। सत्तापक्ष ने सत्र को लेकर कमर कस ली है। विपक्ष के हर सवाल का जवाब मंत्री देंगे। बजट सत्र में वित्तीय विधेयक भी आएंगे। ऐसी स्थिति में विपक्ष मतदान की मांग करा सकता है। सभी विधायकों को सत्र के दौरान रोजाना सदन में उपस्थित रहने के लिए कहा गया है।

    मंत्रियों को निर्देश, अध्ययन कर आएं

    उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि मंत्रियों को विषयों का अध्ययन एवं समाधान के साथ सदन में आने को कहा गया है। जोर विषयों के निष्पादन पर रहेगा। सभी सदस्य एक-दूसरे को पूरा सहयोग करेंगे। विपक्ष के सवालों और सकारात्मक सुझावों को सरकार स्वीकार करेगी।

    बनी रहे सदन की गरिमा

    सोमवार से विधानसभा सत्र की शुरुआत हो रही है और हमेशा की तरह यह बजट सत्र भी हंगामेदार होने की संभावना है। सत्तापक्ष और विपक्ष की ओर से सत्र को लेकर तैयारियां कर ली गई हैं। सभी दलों ने अपने-अपने मुद्दों को जोर-शोर से उठाने की रणनीति बनाई है और इसी क्रम में हंगामा होता है।

    कई बार हंगामा इतना बढ़ जाता है कि लोगों को सदन की मर्यादा तक की चिंता नहीं रहती। विधायी कार्यों के साथ-साथ राजनीति चलती रहे तो कहीं से भी किसी को आपत्ति नहीं है। सदन की मर्यादा प्रभावित होने से ना सिर्फ झारखंड की छवि खराब होती है, बल्कि राजनीतिक दल भी सवालों के घेरे में आते हैं।

    सार्वजनिक तौर पर कोई भी राजनीतिक दल हंगामा करने को सही नहीं मानता, लेकिन मुद्दों के प्रति इन दलों की प्रतिबद्धता ही हंगामा का बड़ा कारण बनती है। कई बार हंगामे के कारण सदन चल नहीं पाता और इससे आम लोगों का काम काज प्रभावित होता है। सदन में विधायक अपने-अपने क्षेत्रों का मुद्दा उठाते हैं, ताकि समस्याओं का समाधान हो सके। हंगामे के कारण समाधान का रास्ता भी बाधित हो जाता है।

    झारखंड विधानसभा के बजट सत्र को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने अपनी अपनी तैयारी कर ली है। सत्ताधारी गठबंधन की ओर झामुमो, कांग्रेस और राजद विधायक दल की बैठक अलग-अलग हुई तो देर शाम संयुक्त बैठक भी हुई।

    बीजेपी की प्लानिंग

    दूसरी ओर, भाजपा ने भी अपने विधायकों को रविवार को ही बुलाया और प्रदेश के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। पार्टी ने रोजगार और महिलाओं के मुद्दे पर सरकार को घेरने का निर्णय लिया है। पेपर लीक प्रकरण, जेपीएससी अध्यक्ष का नहीं होना आदि विषयों पर राज्य सरकार के खिलाफ सदन में मुद्दा उठाने का निर्णय लिया है।

    झामुमो और कांग्रेस की प्लानिंग

    दूसरी ओर, झामुमो और कांग्रेस ऐसे मुद्दों पर विपक्ष को करारा जवाब देने की तैयारी में है। राजनीतिक दलों की इन्हीं तैयारियों के बीच कहीं ना कहीं जनता का काम अटक जाता है। हंगामा होने से ना सिर्फ मुद्दे नतीजे तक नहीं पहुंच पाते हैं, बल्कि समय और पैसा भी बर्बाद होता है।

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