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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'आसन को उत्तेजित मत करिए, संसद में क्या हुआ... इसे देखिए', हंगामे पर स्पीकर ने लगाई फटकार; कही ये बातें

By Pradeep singhEdited By: Aysha Sheikh
Published: Tue, 19 Dec 2023 11:22 AM (IST)

Jharkhand Assembly News विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन भाजपा नेताओं ने जमकर हंगामा किया। इसपर स्पीकर रबीन्द्रनाथ महतो ...और पढ़ें

'आसन को उत्तेजित मत करिए, संसद में क्या हुआ... इसे देखिए', हंगामे पर स्पीकर ने लगाई फटकार; कही ये बातें
'आसन को उत्तेजित मत करिए, संसद में क्या हुआ... इसे देखिए', हंगामे पर स्पीकर ने लगाई फटकार; कही ये बातें

राज्य ब्यूरो, रांची। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सोमवार को संभावना के अनुरूप सदन में खूब नोंकझोंक हुई। भाजपा विधायकों ने आसन के समक्ष आकर खूब नारेबाजी की। वहीं, कांग्रेस विधायक सीट पर खड़े होकर बोलते नजर आए।

नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी ने सरकार पर निशाना साधा तो संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम ने पलटकर तुरंत जवाब भी दिया। सदन के आरंभ होते ही नोकझोंक शुरू हो गई थी। पहले बोकारो के भाजपा विधायक बिरंची नारायण मुख्यमंत्री को ईडी के समन को लेकर बोले। वे आसन के समक्ष चले गए। विधायकों ने उनका साथ दिया।

स्पीकर रबीन्द्रनाथ महतो ने नेता प्रतिपक्ष से किया आग्रह

स्पीकर रबीन्द्रनाथ महतो ने नेता प्रतिपक्ष से आग्रह किया कि विधायकों को सीट पर बैठने के लिए कहें। एक समय ऐसा भी आया, जब स्पीकर ने कहा कि सदन का बेजा इस्तेमाल मत करिए। कार्यवाही को हास्यास्पद मत बनाइए। आसन को उत्तेजित मत कीजिए। उन्होंने संकेतों में कहा कि पार्लियामेंट में क्या हुआ, इसे देखिए।

अमर कुमार बाउरी ने धीरज साहू प्रकरण और सीएम को ईडी के समन का मामला उठाया। कहा कि सीएम ने पद की शपथ ली है। वे केंद्रीय एजेंसी के समन को दरकिनार कर रहे हैं। सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए। इसपर बहस कराई जाए। कार्यस्थगन नामंजूर किए जाने के बाद भाजपा ने सदस्यों ने विरोध किया।

आलमगीर आलम ने किया आरोपों पर पलटवार

आलमगीर आलम ने आरोपों पर पलटवार किया। बोले-विपक्ष राजनीति कर रहा है। धीरज साहू का पारिवारिक बिजनेस है। कोई गलत पैसा नहीं है। सीएम के बारे में बोला जा रहा है। वे लगातार जवाब दे रहे हैं। आम जनता के मुद्दे को उठाने के लिए सदन है। इन मुद्दों को विधानसभा में उठाना ठीक नहीं है।

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