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    IAS विनय चौबे की हर अचल संपत्ति की खरीद-बिक्री में गवाह हैं इरफान इकबाल, ACB के समक्ष नहीं हो सके उपस्थित

    By Dilip Kumar Edited By: Kanchan Singh
    Updated: Thu, 01 Jan 2026 07:51 PM (IST)

    एसीबी को निलंबित आईएएस विनय कुमार चौबे के आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच में इरफान इकबाल का नाम मिला है। इरफान चौबे और उनके रिश्तेदारों की अचल संपत् ...और पढ़ें

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    विनय चौबे के साले शिपिज के कर्मचारी हैं इरफान इकबाल।

    राज्य ब्यूरो, रांची। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में जांच के क्रम में एसीबी को नया नाम इरफान इकबाल का मिला। यह नाम निलंबित आइएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे व उनके रिश्तेदार साला शिपिज त्रिवेदी, ससुर एसएन त्रिवेदी आदि के नाम पर अचल संपत्ति के रूप में खरीदी गई जमीन व फ्लैट के डीड से मिला है।

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    सभी संपत्तियों की खरीद में इरफान इकबाल गवाह हैं। इसके बाद ही एसीबी ने इरफान इकबाल के बारे में जानकारी जुटाना आरंभ किया है। विनय कुमार चौबे के साले शिपिज त्रिवेदी के खाते में करीब 25 लाख रुपये स्थानांतरित करने वाले इरफान इकबाल शिपिज त्रिवेदी का कर्मचारी रहे हैं।

    उसके बैंक खाते का विश्लेषण जारी है, ताकि यह पता चल सके कि उनके खाते में कब कहां से कितने पैसे आए और कहां गए। एसीबी को शक है कि वे विनय चौबे के काले धन को खपाते थे।

    इरफान इकबाल रांची के पुरुलिया रोड स्थित कांटाटोली के समीप अंजली होटल के समीप के निवासी हैं। वह वर्ष 2007 से यानी करीब 18 वर्षों से आइएएस विनय कुमार चौबे व उनके परिवार से जुड़े हुए हैं।

    एसीबी ने सभी जानकारी जुटाने के बाद ही उन्हें एक जनवरी को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वे एसीबी के सामने उपस्थित नहीं हुए हैं। एसीबी अब शुक्रवार को इरफान इकबाल से पूछताछ कर सकती है।

    आइएनएस इंटरप्राइजेज नामक कंपनी के खाते में बड़े स्तर पर जमा हुए थे नकदी

    एसीबी को छानबीन में पता चला है कि इरफान इकबाल आइएनएस इंटरप्राइजेज नामक कंपनी से जुड़े थे। इस कंपनी के खाते में बड़े स्तर पर नकदी जमा किए गए थे। ये नकदी काले धन हो सकते हैं, जिसकी जानकारी एसीबी जुटा रही है। बताया जा रहा है कि ये नकदी इस कंपनी के खाते से शिपिज त्रिवेदी के खाते में जमा किए गए। हालांकि, रुपये स्थानांतरण के बिंदु पर इरफान इकबाल ने बताया है कि उक्त राशि कंपनी से जुड़ी थी। कोई काला धन नहीं था।