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IAS विनय चौबे की संपत्ति मामले में बड़ा खुलासा, सरहज के नाम फ्लैट खरीदने में दिल्ली के कारोबारी का कनेक्शन

By Dilip Kumar Edited By: Kanchan Singh
Published: Mon, 05 Jan 2026 08:31 PM (IST)

निलंबित आईएएस विनय कुमार चौबे के आय से अधिक संपत्ति मामले में एसीबी ने दिल्ली के कारोबारी सरदार सुरेंद्र सिंह ...और पढ़ें

निलंबित आइएएस विनय कुमार चौबे की सरहज प्रियंका त्रिवेदी के डीड में सरदार सुरेंद्र सिंह का नाम सामने आया।

निलंबित आइएएस विनय कुमार चौबे की सरहज प्रियंका त्रिवेदी के डीड में सरदार सुरेंद्र सिंह का नाम सामने आया।

HighLights

  1. एसीबी ने सुरेंद्र सिंह और श्रवण जालान से पूछताछ की

  2. सुरेंद्र सिंह ने बेरा की पावर ऑफ अटॉर्नी पर फ्लैट बेचा

  3. श्रवण जालान पर है काले धन निवेश का संदेह

राज्य ब्यूरो,रांची। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले की जांच कर रही एसीबी ने सोमवार को दिल्ली के कारोबारी सरदार सुरेंद्र सिंह व रांची के टिंबर कारोबारी श्रवण जालान से पूछताछ की।

सरदार सुरेंद्र सिंह का नाम निलंबित आइएएस विनय कुमार चौबे की सरहज प्रियंका त्रिवेदी के डीड में सामने आया था। इसके बाद ही एसीबी ने सरदार सुरेंद्र सिंह को रांची बुलाया था और सोमवार को पूछताछ की है।

सरदार सुरेंद्र सिंह ने एसीबी को बताया कि उनका ज्योतिष एनके बेरा से पुराना संपर्क रहा है। एनके बेरा का लालपुर के मुकुंद अपार्टमेंट में एक फ्लैट था, जिसकी बिक्री के लिए उन्होंने वर्ष 2012 में सरदार सुरेंद्र सिंह को पावर आफ अटार्नी दिया था।

इसी पावर के आधार पर सुरेंद्र सिंह ने उक्त फ्लैट को निलंबित आइएएस विनय कुमार चौबे के साला शिपिज त्रिवेदी की पत्नी प्रियंका त्रिवेदी को वर्ष 2017 में 43 लाख रुपये में बेच दी थी। एसीबी ने इस पूरे प्रकरण में शनिवार को ज्योतिष एनके बेरा से भी पूछताछ की थी।

श्रवण जालान अब तक नहीं कर पाए एसीबी के अधिकारियों को संतुष्ट

रांची के टिंबर कारोबारी श्रवण जालान निलंबित आइएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे के सहयोगी हैं। उनका राणी सती डेकोर नामक प्रतिष्ठान भी है। एसीबी को आशंका है कि श्रवण जालान ने निलंबित आइएएस विनय कुमार चौबे के काले धन का अपने व्यवसाय में निवेश किया है।

एसीबी को शक है कि विनय कुमार चौबे के काले धन के निवेशकों में श्रवण जालान के रिश्तेदार व दुमका के टायर कारोबारी नवीन पटवारी भी शामिल हैं। एसीबी ने नवीन पटवारी को भी कई बार पूछताछ के लिए बुलाया, लेकिन वे केवल एक दिन ही एसीबी के सामने आ पाए।

उन्होंने भी अब तक अपने आयकर रिटर्न से संबंधित अपना ब्यौरा एसीबी को उपलब्ध नहीं कराया है। एसीबी आगे भी श्रवण जालान व नवीन पटवारी से वित्तीय लेन-देन से संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन करेगी।

साइबर विशेषज्ञ लगातार कर रहे सहयोग

एसीबी को साइबर विशेषज्ञ लगातार सहयोग कर रहे हैं। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले सहित शराब व जमीन घोटाले में जब्त डिजिटल उपकरणों, ई-मेल, इंटरनेट मीडिया प्राेफाइलों कां खंगालने के लिए एसीबी पिछले करीब दस दिनों से सीआइडी के अधीन संचालित साइबर अपराध थाने के विशेषज्ञों की मदद ले रही है।

चार्जशीट के पहले एसीबी सभी प्रमुख बिंदुओं की छानबीन कर रही है, ताकि मजबूती के साथ न्यायालय में आरोपितों के विरुद्ध साक्ष्य प्रस्तुत किया जा सके।