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रूपी सोरेन के संस्कार भोज में बाबा रामदेव ने गुरुजी से रिश्तों को याद किया, सीएम हेमंत से लंबी गुफ्तगू

Published: Sun, 18 Oct 2026 04:45 PM (IST)

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता स्वर्गीय रूपी सोरेन के संस्कार भोज में नेमरा में भारी जनसमूह उमड़ा, जिसमें बाबा रामदेव ...और पढ़ें

HighLights

  1. नेमरा में सीएम की माता के संस्कार भोज में भीड़।

  2. बाबा रामदेव ने शिबू सोरेन से अपने रिश्ते याद किए।

  3. हेमंत सोरेन में दिखी दिशोम गुरु शिबू सोरेन की छाया।

अश्विनी रघुवंशी, रांची। दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन की धर्मपत्नी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता स्वर्गीय रूपी सोरेन के संस्कार भोज में रविवार को नेमरा में जनसमूह उमड़ता रहा। पांच किमी दूर से ही हजारों लोग पंक्तिबद्ध होकर लोग पैदल आते भी दिखे।अमीर हो या गरीब, नेता हो अथवा प्रजा, हेमंत सोरेन खुद घूम घूम कर आगंतुकों से मिलते रहे।

जो सामने दिखा, उससे अनुरोध किए कि भरपेट प्रसाद ग्रहण करे। कोई चलने में असमर्थ दिखा तो उसे भोज स्थल तक लाने में सहयोग कराया। हेलिकाप्टर से बाबा रामदेव आए। स्वर्गीय रूपी सोरेन की तस्वीर पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

कल्पना मुर्मू, सीता सोरेन, अंजली मरांडी समेत परिवार के लोगों से आत्मीयता से मिले। गुरूजी शिबू सोरेन से अपने मित्रवत रिश्ते का स्मरण किया। मुख्यमंत्री के साथ लंबी गुफ्तगू की। राज्यसभा सदस्य वैद्यनाथ राम समेत आम से लेकर खास लोगों का तांता लगा रहा।

संस्कार भोज की शुरुआत होने के पहले हेमंत सोरेन खुद सारी व्यवस्था का मुआयना किया। पकवान का मुआयना किया। भोजन परोसने वालों को निर्देश दिए कि कोई आधा पेट नहीं जाना चाहिए।

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कैबिनेट मंत्री संजय यादव और इरफान अंसारी भी नेमरा गए।

कई लोगों ने लेटो का प्रसाद भी ग्रहण किया

चावल, पुरी, खस्सी का मांस, मछली, दाल, तीन तरह की सब्जी, बूंदी, दो तरह का मीठा, चटनी, पापड़, सलाद, दही समेत और भी पकवान सारे लोगों को बैठा कर परोसा गया। इससे पहले दशकर्म में आए लोगों को सुबह पुरी और काबली चना की सब्जी का नाश्ता कराया गया।

कई लोगों ने लेटो (चिकन से बनने वाला पकवान, बेहद गाढ़ा तरी) का प्रसाद भी ग्रहण किया। दोपहर तक हजारों लोग दरवाजे पर आ गए थे। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लोग धूप में इंतजार नहीं करे। सभी लोगों के मंडप में बैठाएं ताकि उन्हें दिक्कत नहीं हो।

हजारों लोग वाहनों से आए थे। पांच किमी पहले से सड़क पर डिवाइडर लगा दिया गया था ताकि जाम की स्थिति नहीं बने। यातायात सिपाही आवागमन को सुगम बनाने में लगे रहे।

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नेमरा में सोरेन फैमिली के साथ बाबा रामदेव।

हेमंत में दिख रही दिशोम गुरु की छाया

गुरु आयो रूपी सोरेन के दश कर्म और संस्कार भोज में भाग लेने के लिए पूर्वी सिंहभूम के सुंदरनगर से डाक्टर साकरो मुर्मू गई थी। सारे अनुष्ठान में रही। नेमरा से विदा हुई तो उनके मुंह से अनायास निकला कि हेमंत सोरेन में दिशोम गुरु की छाया दिख रही है। एकदम गुरूजी की तरह व्यवहार।

बिल्कुल उन्हीं का अंदाज। ऐसा लगा मानो गुरुजी ही है। सिर्फ साकरो नहीं अपितु दुमका से आए सुधीर सोरेन का भी अहसास कुछ ऐसा रहा। सुधीर बोले, पहले और अब में हेमंत सोरेन जी के व्यवहार में बड़ा बदलाव दिखा है। गुरुजी की तरह अपनापन झलक रहा है। सबकी चिंता। 

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संस्कार भोज में शिल्पी नेहा तिर्की भी गई और बाबा रामदेव से भी मिली थी।