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    PESA नियमावली बनाकर हेमंत सरकार ने ग्रामीणों को शोषण से मुक्ति दिलाने का काम किया, झामुमो ने भाजपा पर बोला हमला

    By Ashish Jha Edited By: Kanchan Singh
    Updated: Mon, 05 Jan 2026 09:05 PM (IST)

    झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार ने पेसा नियमावली बनाकर ग्रामीणों को शोषण से मुक्ति दिलाई है। उन्होंने भाजपा पर हमला करत ...और पढ़ें

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    झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा है कि पेसा नियमावली बना कर हेमंत सोरेन की सरकार ने ग्रामीणों को शोषण से मुक्ति दिलाने का काम किया है।

    राज्य ब्यूरो, रांची। झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा है कि पेसा नियमावली बना कर हेमंत सोरेन की सरकार ने ग्रामीणों को शोषण और दोहन से मुक्ति दिलाने का काम किया है।

    इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पेसा नियमावली पर भाजपा के उन नेताओं को अधिक तकलीफ है जिन्होंने केंद्र में मंत्री रहते हुए और तीन-तीन बार मुख्यमंत्री बनने के बावजूद पेसा पर कोई निर्णय नहीं लिया।

    अपने कार्यकाल में पेसा पर पांच पैसा का काम करने के बदले केवल अपनी जाति पातर मुंडा को एसटी सूची में शामिल कराने का काम किया। इससे भाजपा की आदिवासी विरोधी राजनीति खत्म हो गयी है।

    नियमावली बनने से वनोपज लूटने और बालू-गिट्टी के माफिया तत्वों का आर्थिक मेरुदंड कमजोर होनेवाला है, जिसका भाजपा प्रतिनिधित्व करती है।  सुप्रियो सोमवार को पार्टी मुख्यालय में मीडियाकर्मियों से बातचीत कर रहे थे।

    उन्होंने कहा कि पेसा नियमावली पर आज कोई भी मांझी, मानकी, मुंडा, डोकलो, सोहोर जैसे ग्राम प्रधान क्यों नहीं कुछ बोल रहा है। उन्होंने कहा कि पांचवीं अनुसूची के क्षेत्र में टीएसी का चेयरमैन गैर आदिवासी रहा, पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के कार्यकाल में डोमिसाइल का नंगा नाच किया गया। तपकरा कांड हुआ। आदिवासियों पर गोली चलवाई गईं।

    सुप्रियो ने कहा कि इन्हें छत्तीसगढ़, ओडिशा जैसे भाजपा शासित राज्यों में क्या प्रावधान है, इसे बताना चाहिए। अब 10 किलो महुआ के बदले एक किलो सरसो तेल और पांच केजी मडुआ के बदले एक किलो चीनी देकर शोषण की परंपरा समाप्त होनेवाली है। अखिल भारतीय सेवा की अधिकारी निशा उरांव के बयान पर उन्होंने कहा कि यह आफिशियल सेक्रेट एक्ट का मामला है।