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    कल्पना बोलीं- 1.36 लाख करोड़ देना ही होगा, नीरा ने कहा- हमने हाथी उड़ाया... आपसे चिड़िया भी नहीं उड़ी

    Updated: Wed, 05 Mar 2025 08:49 PM (IST)

    झारखंड विधानसभा में बजट पर बहस के दौरान झामुमो विधायक कल्पना सोरेन और भाजपा विधायक नीरा यादव के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। कल्पना ने केंद्र पर 1.36 लाख करोड़ रुपये का बकाया नहीं देने का आरोप लगाया जबकि नीरा ने हिसाब मांगा। नीरा ने राज्य में रोजगार और विकास की कमी सरकारी योजनाओं की विफलता और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।

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    जेएमएम विधायक कल्पना सोरेन और बीजेपी विधायक नीरा यादव।

    राज्य ब्यूरो, रांची। बजट पर वाद-विवाद के क्रम में बुधवार को गांडेय की झामुमो विधायक कल्पना सोरेन और कोडरमा की भाजपा विधायक नीरा यादव के बीच जमकर नोक-झोंक हुई। कल्पना सोरेन ने जहां केंद्र सरकार पर 1.36 लाख करोड़ रुपये नहीं देने का आरोप लगाया, वहीं नीरा यादव ने इसका हिसाब मांगा।

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    नीरा ने जवाब देते हुए कहा कि भाजपा तो इस राज्य में हाथी उड़ाने का हौसला रखती थी। आपसे चिड़िया भी नहीं उड़ रही। नौकरी, विकास के वादों के साथ-साथ घोषणाओं के पर कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने सरकार पर कई आरोप लगाए। इस दौरान खूब टोकाटोकी हुई और कई लोगों को बोलने का मौका भी मिला।

    कोर्ट से लेकर रोड तक लड़ेंगे

    नीरा यादव के भाषण के दौरान कल्पना सोरेन ने कहा हस्तक्षेप करते हुए कहा कि केंद्र सरकार को झारखंड का बकाया 1.36 लाख करोड़ रुपये देना ही होगा। यह झारखंड का हक है और इसके लिए झारखंड अब तैयार हो गया है। चाहे ट्रेन हो, रोड हो या फिर हवाई मार्ग हो, आप जिस रास्ते से भी झारखंड का खजाना लेकर जाएंगे, आपका विरोध किया जाएगा। कोर्ट से लेकर रोड तक हम लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। झारखंड अपनी लड़ाई लड़ने के लिए अब तैयार हो गया है।

    उन्होंने विपक्षी सदस्यों की ओर इशारा करते हुए कहा कि कान में सुनाकर रखिएगा, झारखंड अपना पैसा लेकर रहेगा। चाहे कोर्ट जाना पड़े या फिर रोड पर लड़ना पड़े। भाजपा की सरकार ने 16 से 18 साल झारखंड में राज किया है। कमर कस लीजिए। ये झारखंड का पैसा है और हम हम इसे लेकर रहेंगे।

    हम तो सच बोलेंगे, किसी को मिर्ची लगेगी तो क्या करें

    नोकझोंक के बीच नीरा यादव ने रघुवर सरकार की योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि किसी को मिर्ची लगेगी तो क्या करें। उन्होंने ग्रीन कार्ड होने के बावजूद खाद्यान्न नहीं मिलने का मुद्दा उठाया। सरकार पर गुरुजी क्रेडिट कार्ड के लिए ऐसी शर्तों का निर्धारण करने का आरोप लगाया कि छात्रों को क्रेडिट कार्ड मिल ही ना पाए, कलम क्लब को भंग करने के पीछे की मंशा पर सवाल उठाया।

    जेपीएससी की परीक्षा का परिणाम नहीं जारी होने का मुद्दा उठाया तो कहा कि पेट्रोल सब्सिडी कागजों तक ही सीमित है। उन्होंने बार-बार 1.36 लाख करोड़ रुपये मांगे जाने के मुद्दे पर सरकार से इस राशि का हिसाब भी मांगा।

    उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार तो नहीं दे पा रही है, सरकारी नौकरियों की संख्या ही कम करती जा रही है। राज्य में 5.33 लाख सरकारी कर्मियों की संख्या काे घटाकर 3.27 लाख कर दिया गया है।

    ममता बोलीं, आपने विद्यालयों को मर्ज कर शिक्षा का नाश कर दिया

    पूर्व मंत्री नीरा यादव जब राज्य में शिक्षा की स्थिति पर अपना बयान दे रही थीं तो बीच में कांग्रेस विधायक ममता देवी ने टोकते हुए कहा कि आपने स्कूलों को मर्ज करे बच्चों की शिक्षा को बाधित कर दिया।

    छोटे-छोटे बच्चों को लंबी दूरी तय करना पड़ रहा था। स्कूल कम हुए, शिक्षक कम हुए और छात्र भी घटते गए। इसके पूर्व नीरा यादव ने कहा कि स्कूलों में बच्चियों को सेनेटरी पैड मिलना बंद हो गया है।

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