Updated: Wed, 26 Feb 2025 07:00 AM (IST)
झारखंड के हजारीबाग में इस साल के अंत तक 500 बिस्तरों वाला अत्याधुनिक अस्पताल बनकर तैयार हो जाएगा। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने विधानसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार सबको बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। अस्पताल में मरीजों को सभी तरह की सुविधाएं मिलेंगी। विधानसभा में इस बात की जानकारी दी गई।
राज्य ब्यूरो, रांची। हजारीबाग में इस वर्ष के अंत तक 500 बेड वाले अस्पताल का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। हजारीबाग के विधायक प्रदीप प्रसाद के ध्यानाकर्षण सूचना पर राज्य सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि हेमंत सरकार सबको स्वास्थ्य सुविधाएं देने को तत्पर है।
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वे विधायक को इसके लिए आश्वस्त करते हैं। वे विधायक के साथ जिले का दौरा भी करेंगे। अस्पताल निर्माण का कार्य अंतिम चरण में है। मरीजों को परेशानियों से निजात मिलेगा।
अस्पताल हाइटेक और पूरी सुविधाओं से युक्त होगा। विधायक ने मंत्री का ध्यान दिलाया कि अभी सिर्फ आनलाइन पर्ची कटती है, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ऑफलाइन पर्ची काटने की भी व्यवस्था की जाए। अस्पताल में वार्ड ब्वाय नहीं हैं। आक्सीजन प्लांट भी बंद है। एक मरीज का आधा ऑपरेशन कर छोड़ दिया गया। अस्पताल में निजी नर्सिंग होम के दलाल सक्रिय रहते हैं।
मंत्री ने भरोसा दिलाते हुए कहा कि सभी समस्याओं का समाधान वे करेगे। इसपर स्पीकर रबीन्द्रनाथ महतो ने कहा कि सबके सेहत का ध्यान रखिए।
मंत्री ने कहा-केंद्र का निर्णय राज्य हित में नहीं
जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) का दायरा सीमित होने की बजाय पूरा जिला होना चाहिए। मंगलवार को ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए टुंडी के झामुमो विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने यह सवाल उठाया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राजस्व टैक्स लिया जाता है, जिस राशि से संबंधित जिला में डीएमएफटी के माध्यम से संपूर्ण जिला में विकास कार्य को संपादित किया जाता था।
झारखंड गजट-2024 (खान एवं भूतत्व विभाग) की नियमावली के अनुसार अर्जित राजस्व का उपयोग खनन क्षेत्र के 15 से 25 किलोमीटर की परिसीमा में करने का निर्देश दिया गया है।
जिससे सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में महत्वपूर्ण विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न होती है। इसका विस्तार पूरे जिले में किया जाना चाहिए। प्रभारी मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने इसका जवाब देते हुए कहा कि पहले ऐसी व्यवस्था नहीं थी।
केंद्र के खनन मंत्रालय के निर्देश से यह हुआ है। राज्य सरकार कई बार आपत्ति दर्ज करा चुकी है। केंद्र ने इसपर सरकार की आपत्तियां नहीं सुनी। उसी एसओपी पर काम हो रहा है। यह चिंता का विषय है।
केंद्र का निर्णय राज्यहित में नहीं है। मथुरा प्रसाद महतो ने सवाल उठाया कि क्या सिर्फ कोयला ही खनिज में आता है।
उन्होंने मंत्रियों ने अन्य खनिजों के बारे में पूछते हुए कहा कि क्या बालू खनिज नहीं है? मंत्री ने हामी भरते हुए अन्य खनिजों के नाम गिनाए।
डीवीसी के विस्थापन सूची में शामिल नहीं गांव
- बरकट्ठा के भाजपा विधायक अमित कुमार यादव ने कोडरमा के जयनगर प्रखंड के करियावां गांव का मुद्दा उठाया।
- उन्होंने कहा कि कोडरमा थर्मल पावर स्टेशन के निर्माण के लिए 2265 एकड़ जमीन का अधिग्रहण हुआ, जिसमें करियावां का 245 एकड़ जमीन भी शामिल है।
- यह सरकार के विस्थापित गांवों की सूची में नहीं है। इसी गांव में उक्त संयंत्र का एश पांड बना हुआ है। मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि वे इस मामले को दिखवा लेते हैं।
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