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दिव्यांगों के लिए रांची में खुलेगा पूर्वी भारत का पहला विश्वविद्यालय, शिक्षा विभाग ने तेज की तैयारी

झारखंड की राजधानी रांची में दिव्यांगों के लिए विशेष विश्वविद्यालय खुलेगा। यह पू्र्वी भारत का पहला विश्वविद्यालय होगा। इसे लेकर शिक्षा विभाग के मंत्री चंपई सोरेन ने तैयारी तेज कर दी है। इसे लेकर प्रस्ताव कैबिनेट में लाने के निर्देश दिया गया है। वहींपंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय विश्वविद्यालय में इसी महीने कुलपति की नियुक्ति को लेकर शिक्षा मंत्री ने अपडेट दिया है।

By Neeraj Ambastha Edited By: Shashank Shekhar Thu, 11 Jul 2024 06:36 PM (IST)
दिव्यांगों के लिए विशेष विश्वविद्यालय की होगी स्थापना। फाइल फोटो

राज्य ब्यूरो, रांची। रांची में दिव्यांगों के लिए विशेष विश्वविद्यालय की स्थापना होगी। यह पूर्वी भारत का पहला ऐसा विश्वविद्यालय होगा, जहां दिव्यांगों काे उच्च शिक्षा का अवसर प्राप्त होगा।

पूर्व मुख्यमंत्री सह उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के मंत्री चंपई सोरेन ने इसे लेकर जल्द ही प्रस्ताव कैबिनेट में लाने के निर्देश दिए। मंत्री गुरुवार को विभाग की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे।

दिव्यांग विश्वविद्यालय एक ऐसा शैक्षणिक संस्थान होगा, जिसमें दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए उनकी जरूरतों के हिसाब से शिक्षा की विशेष व्यवस्था रहेगी। वहां उनके लिए विशेष कोर्स तथा शैक्षणिक उपकरणों का इंतजाम रहेगा। इसके अलावा विभाग द्वारा नवोत्थान छात्रवृत्ति योजना का प्रस्ताव रखा गया।

इसके तहत राज्य के मेधावी अनाथ एवं दिव्यांग विद्यार्थियों के पूर्ण पाठ्यक्रम शुल्क (अधिकतम 10 लाख रुपए प्रतिवर्ष तक) की प्रतिपूर्ति सरकार करेगी। इसके अलावा इन छात्रों को आवासीय एवं भोजना की व्यवस्था हेतु प्रति वर्ष 48 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।

चंपई सोरेन ने बैठक में जमशेदपुर में स्थापित हो रहे रहे पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय विश्वविद्यालय के कार्य की प्रगति समीक्षा की। बताया कि इस विश्वविद्यालय में इसी माह कुलपति की नियुक्ति होगी।

रांची सहित छह जिलों में खुलेंगे नए इंजीनियरिंग कॉलेज

बैठक में गिरिडीह, साहिबगंज, जमशेदपुर, रांची एवं गुमला में नए इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने का प्रस्ताव रखा गया। साथ ही देवघर, बरही (हजारीबाग), पतरातू (रामगढ़), बुंडू (रांची), जमशेदपुर तथा राजनगर (सरायकेला-खरसावां) में नए पालिटेक्निक कालेज खोलने की बात कही गई।

गिरिडीह, साहिबगंज, देवघर, खूंटी, गुमला तथा जमशेदपुर में नए विश्वविद्यालय खोलने की योजना के प्रस्ताव पर भी विस्तार से चर्चा हुई। 

मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना के लिए तैयार हो रहा पोर्टल

झारखंड में रिसर्च के अवसरों को बढ़ावा देने हेतु मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना के तहत पीएचडी के विद्यार्थियों को प्रतिमाह 25,000 रुपए तक फेलोशिप दी जाएगी। इस योजना के तहत विदेश में पढ़ने वाले राज्य के छात्रों को पूरा ट्यूशन फीस एवं अन्य खर्चों का पूरा भुगतान करने का प्रावधान है।

पिछले महीने कैबिनेट द्वारा इस योजना को स्वीकृति मिल चुकी है। ऑनलाइन पोर्टल बनने के तुरंत बाद आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।इसके अलावा गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, मानकी मुंडा छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री शिक्षा प्रोत्साहन योजना तथा एकलव्य प्रशिक्षण योजना की प्रगति की समीक्षा की गई।

38 महाविद्यालयों के जीर्णाद्धार कार्य में तेजी लाने के निर्देश

बैठक में जमशेदपुर को-आपरेटिव कालेज तथा एलबीएसएम कालेज समेत 38 अन्य महाविद्यालयों/ विश्वविद्यालयों के जीर्णोद्धार की योजना पर विस्तार से चर्चा हुई तथा प्रक्रिया को तीव्र गति से आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया।

विभाग द्वारा 34 महाविद्यालयों का निर्माण प्रक्रियाधीन है, जिनके कार्य की समीक्षा करते हुए प्रक्रिया को तेज करने का निर्देश मंत्री ने दिए।

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