रांची, जेएनएन। Love Jihad राजधानी रांची के अरगोड़ा इलाके की रहने वाली 16 वर्षीया नाबालिग का अपहरण कर धर्मांतरण कराने के आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जेल भेजा गया आरोपित बोकारो के बालीडीह निवासी मोदस्सिर नजर है। वह दिव्यांग है, उसका एक पांव टूटा हुआ है। पुलिस के अनुसार बीते 17 मार्च-2017 को अरगोड़ा इलाके की रहने वाली नाबालिग को मोदस्सिर ने अगवा कर लिया था। अगवा कर नाबालिग को वह अपने घर बोकारो में ले गया था। वहां नाबालिग से शादी के नाम पर उसका धर्मांतरण करा दिया था। इस बीच पीडि़ता को जब वहां परेशान किया जाने लगा, तो वह रांची स्थित अपने घर लौट गई। माता-पिता के पास पहुंचने पर उन्होंने अरगोड़ा थाने की पुलिस को सूचना दी। इसके बाद अरगोड़ा थाने की पुलिस बोकारो पहुंची और आरोपित को गिरफ्तार कर रांची ले आई, जिसे रविवार को जेल भेज दिया गया।

पिता ने दर्ज कराई थी एफआइआर

नाबालिग के पिता ने 20 मार्च 2017 को अरगोड़ा थाने में बेटी के अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि मारवाड़ी कॉलेज जाने के नाम पर निकली बेटी का अपहरण कर लिया गया था। दर्ज प्राथमिकी में बताया कि उनकी बेटी का अपहरण चितरंजन दुबे उर्फ रौनक उर्फ रिशु नाम के युवक ने किया है। हालांकि, पुलिस की सत्यापन में उसकी संलिप्तता नहीं मिली थी। इसके बाद पुलिस और परिजनों ने पीडि़ता की काफी तलाश की थी। लेकिन, वह नहीं मिली थी। पिता ने बेटीे को ढूंढने के लिए पुलिस के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका तक दायर की थी।

प्रताडि़त करने पर वापस रांची पहुंची नाबालिग

नाबालिग ने पुलिस को बताया कि मुदस्सिर नजर से उसकी दोस्ती फेसबुक के जरिए हुई थी। फेसबुक से दोस्ती के बाद वह उसके पास चली गई थी। बोकारो में ही आरोपित के घर नाबालिग रह रही थी। वहां उसका धर्मांतरण करा दिया गया। धर्मांतरण कराने के बाद उसे प्रताडि़त किया जाने लगा। वहां रहने के दौरान नाबालिग को एक बच्चा भी हुआ था, जिसे आरोपित के परिवार वालों ने ही रखा है। प्रताडऩा से परेशान होकर नाबालिग वहां से निकली और रांची पहुंची। इधर, आरोपित मुदस्सिर ने पुलिस के पास कहा है कि नाबालिग को पत्नी की तरह रखता था। स्वेच्छा से उसने शादी की थी।

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