Ranchi News: पाकुड़ में नहीं दी गई रामनवमी जुलूस की अनुमति, बाबूलाल और चम्पाई भड़के; राजनीति हुई तेज
Ram Navami 2025 पाकुड़ प्रशासन ने रामनवमी जुलूस पर रोक लगा दी थी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी और पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि यह हिंदू आस्था पर सीधा प्रहार है। पाकुड़ में आदिवासी और हिन्दू समाज अल्पसंख्यक हो चुका है जबकि एक समुदाय विशेष की आबादी दो-तिहाई के करीब है।
राज्य ब्यूरो, रांची। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पाकुड़ में रामनवमी जुलूस नहीं निकालने के प्रशासनिक आदेश पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि आयोजन छह अप्रैल को पाकुड़ के ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न गांवों की भागीदारी के साथ प्रस्तावित था।
अनुमित नहीं मिलने पर बाबूलाल मरांडी ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पाकुड़ जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को रामनवमी का जुलूस निकालने से रोकने के लिए आधी रात को जारी किया गया आदेश हिंदू आस्था पर सीधा प्रहार है।
जब ताजिये निकल सकते हैं तो रामनवमी का जुलूस क्यों नहीं?
पाकुड़ में जब ताजिये निकल सकते हैं तो फिर रामनवमी का जुलूस क्यों नहीं निकल सकता? सरकार ने आज रामनवमी पर रोक लगाई है। कल दीपावली और दुर्गापूजा पर भी इसी तरह तुगलकी फरमान जारी होंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने भी इसपर विरोध जताया है। चम्पाई सोरेन ने कहा कि पाकुड़ में प्रशासन द्वारा ग्रामीणों के रामनवमी जुलूस पर रोक लगाना राज्य सरकार की हिन्दू विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।
पाकुड़ में आदिवासी और हिन्दू समाज हो चुके हैं अल्पसंख्यक
हिन्दू-मूलवासी समाज वैसे भी शांतिप्रिय होता है, लेकिन अगर सरकार को लगता है कि वे रामनवमी शोभायात्रा को सुरक्षा तक नहीं दे सकते तो फिर क्या कहें? उन्होंने दावा किया कि पाकुड़ में आदिवासी और हिन्दू समाज अल्पसंख्यक हो चुका है, जबकि एक समुदाय विशेष की आबादी दो-तिहाई के करीब है।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार यह बताना चाहती है कि जहां कहीं भी हिन्दू अल्पसंख्यक होंगे, वहां उनके धार्मिक व संवैधानिक अधिकारों को इसी प्रकार छीन लिया जाएगा? सरकार किसी अन्य धर्म के पर्व-त्योहारों पर ऐसा ही तुगलकी फरमान जारी करने का साहस दिखा सकती है?
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