विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 25, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Amitabh Thakur IPS Retired: मां तू फिर अमिताभ ठाकुर पैदा करना, IAS भाई अ‍विनाश का यूं छलका दर्द

By Alok ShahiEdited By:
Published: Thu, 25 Mar 2021 09:36 PM (IST)Updated: Fri, 26 Mar 2021 06:44 PM (IST)

Amitabh Thakur IPS Retired उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जबरन रिटायर किए भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी अमिताभ ठाकुर फिलहाल सुर्खियों ...और पढ़ें

Amitabh Thakur IPS Retired: झारखंड कैडर के सीनियर आइएएस अविनाश कुमार के बड़े भाई हैं आइपीएस अमिताभ ठाकुर।
Amitabh Thakur IPS Retired: झारखंड कैडर के सीनियर आइएएस अविनाश कुमार के बड़े भाई हैं आइपीएस अमिताभ ठाकुर।

रांची, राज्य ब्यूरो। Amitabh Thakur IPS Retired उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जबरन रिटायर किए भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी अमिताभ ठाकुर फिलहाल सुर्खियों में हैं। उनके भाई अविनाश कुमार भारतीय प्रशासनिक सेवा के झारखंड कैडर के वरीय अधिकारी हैं। वे ऊर्जा और समाज कल्याण विभाग के प्रधान सचिव और ऊर्जा विकास निगम के अध्यक्ष हैं। उन्होंने सधे अंदाज में बड़े भाई पर हुई कार्रवाई को लेकर अपने मन की पीड़ा साझा की है।

विभिन्न महत्वपूर्ण महकमे में तैनाती के दौरान बेहतर परिणाम देने वाले आइएएस अफसर अविनाश कुमार ने इंटरनेट मीडिया पर मन में चल रहे उथलपुथल को शहीद भगत सिंह की एक मशहूर पंक्ति के माध्यम से भी व्यक्त किया है - मेरे जज्बात से इस कदर वाकिफ है कलम मेरी, मैं इश्क भी लिखना चाहूं, तो इंकलाब लिखा जाता है। अविनाश कुमार की छवि एक संवेदनशील अधिकारी की भी है।

कोरोना संक्रमण के दौरान हुए लाकडाउन में एक बार वे अप्रवासी श्रमिकों को उनके गांव तक पहुंचाने के लिए रांची के उपायुक्त के आवास पर पैदल पहुंच गए थे। उनके प्रयास से तत्काल अप्रवासी श्रमिकों को भोजन कराया गया और जिला प्रशासन ने गांव तक पहुंचाने की व्यवस्था की। कुछ माह पूर्व दिवंगत मां की तस्वीर के साथ अविनाश कुमार ने पुलिस अधिकारी की वर्दी में अपने भाई अमिताभ ठाकुर की तस्वीर इंटरनेट मीडिया में जारी करते हुए यह लिखा है-

मां, तुम शर्म मत करना

ना मर्म ही करना

करना ही हो तो

मां तुम गर्व करना

वह वही है जिसको तुमने जन्म दिया

वह सही है जिसको तुमने वरण किया

वह निस्स्वार्थ है अभी भी

वह यथार्थ है आपका ही

गिरेगा नहीं मां वो

मरेगा नहीं वो

लड़ेगा ज़रूर मां वो

झुकेगा नहीं वो

शालीनता उसकी कमजोरी नहीं

मसखरापन उसका पागलपन नहीं

सादगी भी उसकी गरीबी नहीं

हंस कर सह लेना उनका बालपन नहीं

माँ, अगले जन्म में फिर अमिताभ पैदा करना

भगवान हर घर में ऐसा ताज पैदा करना

नभ में सितारों के बीच मां

अपने इस विलक्षण पुत्र पर नाज करना।