विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 20, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

25 लाख का इनामी नक्‍सली प्रदुमन चौपारण से गिरफ्तार, बिहार-झारखंड में 90 से अधिक मामले हैं दर्ज

By Sujeet Kumar SumanEdited By:
Published: Fri, 20 Aug 2021 02:55 PM (IST)Updated: Fri, 20 Aug 2021 09:47 PM (IST)

Hazaribagh Crime News Jharkhand Hindi Samachar प्रदुमन शर्मा पर बिहार झारखंड में करीब 90 से भी अधिक मामले दर्ज हैं। ...और पढ़ें

Hazaribagh Crime News, Jharkhand Hindi Samachar प्रदुमन शर्मा पर बिहार झारखंड में करीब 90 से भी अधिक मामले दर्ज हैं।
Hazaribagh Crime News, Jharkhand Hindi Samachar प्रदुमन शर्मा पर बिहार झारखंड में करीब 90 से भी अधिक मामले दर्ज हैं।

हजारीबाग, जासं। भाकपा माओवादी कमांडर प्रदुमन शर्मा की गिरफ्तारी झारखंड के हजारीबाग जिले के चौपारण थाना क्षेत्र से की गई है। नक्‍सली प्रदुमन 25 लाख का इनामी है। हजारीबाग के एसपी मनोज रतन चौथे के मुताबिक उन्हें सूचना मिली थी कि चौपारण थाना क्षेत्र के दासी कर्मा क्षेत्र में प्रदुमन अपने दस्ते के साथ मौजूद है। इसके बाद एसपी अभियान निगम प्रसाद के नेतृत्व में टीम बनाकर कार्रवाई की गई। इसके बाद प्रदुमन शर्मा की गिरफ्तारी हुई है। 25 लाख के इनामी नक्सली प्रदुमन शर्मा की गिरफ्तारी की जानकारी आज शुक्रवार को हजारीबाग के एसपी मनोज रतन चौथे ने प्रेस वार्ता कर दी।

पुलिस ने प्रदुमन शर्मा को 19 अगस्त की रात गिरफ्तार करने के बाद कही है। हालांकि प्रदुमन शर्मा की गिरफ्तारी को लेकर पहले से ही खबरें आ रही थी।  पहले यह कहा गया था कि प्रदुमन की गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से हुई है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी। प्रदुमन शर्मा पर बिहार-झारखंड में करीब 90 से भी अधिक मामले दर्ज हैं। प्रदुमन शर्मा पर झारखंड सरकार ने 25 लाख और बिहार सरकार ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।

 प्रदुमन 1996 से माओवादी का सक्रिय सदस्य रहा है। प्रदुमन शर्मा मगध जोन का सबसे महत्वपूर्ण कमांडर था। यह स्पेशल एरिया कमेटी का सक्रिय सदस्य था। साथ ही इस्टर्न रीजनल ब्यूरो के शीर्ष नेताओं के संपर्क में हमेशा रहता था। एसपी के मुताबिक इसकी गिरफ्तारी मगध जोन एवं बिहार-झारखंड राज्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण सफलता है। बताया गया कि आखिरी बार 10 अगस्त 2019 को प्रदुमन शर्मा के दस्ते के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई थी। चौपारण के भदेल में हुई इस मुठभेड़ में प्रदुमन शर्मा बच निकला था, लेकिन उसका साथी और माओवादी सदस्य लालदास मोची मारा गया था।

यह भी पढ़ें: Naxali Pradyuman: बीएसएफ के दारोगा की नौकरी छोड़कर नक्सली बना था प्रदुम्न, जानें इसके पीछे की कहानी