विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

किसानों के लिए जरूरी खबर! 15 नवंबर तक भूमि सत्यापन नहीं कराया, तो रह जाएंगे MSP से वंचित

Published: Mon, 06 Jul 2026 08:02 AM (IST)

खरीफ विपणन मौसम 2026-27 में धान की MSP पर बिक्री के लिए किसानों को ई-उपार्जन पोर्टल पर भूमि सत्यापन और ई-केवाईसी कराना अनिवार्य होगा।

AI Generated Image.

AI Generated Image.

HighLights

  1. किसानों को 15 नवंबर तक सत्यापन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

  2. अधूरे सत्यापन पर सरकारी धान खरीद नहीं, पंजीकरण रद होगा।

सच्चिदानंद, मेदिनीनगर (पलामू)। खरीफ विपणन मौसम 2026-27 में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान बेचने के इच्छुक किसानों के लिए खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने नियम कड़े कर दिए हैं। 
 
इस बार ई-उपार्जन पोर्टल पर निबंधित प्रत्येक किसान को अपने बैंक खाते और वैध मोबाइल नंबर के साथ-साथ कृषि भूमि का खाता, प्लॉट संख्या और रकबा दर्ज कराकर उसका सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। 
 
विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन किसानों की भूमि का विवरण पोर्टल पर सत्यापित नहीं होगा, उनसे सरकारी स्तर पर धान की खरीद नहीं की जाएगी। 
 
इस संबंध में सभी जिला आपूर्ति पदाधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए आगामी 15 नवंबर तक हर हाल में ई-केवाईसी और भूमि सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कराने को कहा गया है।
 

लापरवाही पर रद होगा निबंधन 

विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में अब भी बड़ी संख्या में किसानों की ई-केवाईसी और भूमि सत्यापन की प्रक्रिया अधूरी है, जिससे आगामी धान अधिप्राप्ति योजना के संचालन में बाधा आ सकती है। 
 
इसी को देखते हुए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। निर्देश के मुताबिक, जिन किसानों की भूमि का सत्यापन अब तक लंबित है, उनका वेरिफिकेशन प्रखंडवार जिला सहकारिता पदाधिकारी अथवा संबंधित लैम्पस-पैक्स के माध्यम से कराया जाएगा।
 

पलामू में 15 हजार से अधिक किसान निबंधित 

पलामू जिले में धान अधिप्राप्ति योजना के तहत कुल 15,374 किसान निबंधित हैं, लेकिन इनमें से आधे से अधिक किसानों की कृषि भूमि का सत्यापन अब तक नहीं हो सका है। 
 
यही कारण था कि पिछले खरीफ विपणन मौसम 2025 में जिले के 78 धान अधिप्राप्ति केंद्रों पर मात्र 4,107 किसानों ने ही 2,85,458 क्विंटल धान सरकारी केंद्रों पर बेचा था।
 

किसानों के लिए जरूरी दस्तावेज  

सरकारी केंद्रों पर धान बेचने के लिए किसानों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पोर्टल पर अपनी पहचान (जैसे वैध मोबाइल व बैंक खाता) और कृषि भूमि के आधिकारिक दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा, अन्यथा उनका पंजीकरण अमान्य घोषित कर दिया जाएगा।

समय सीमा नजदीक होने के कारण विभाग ने सभी संबंधित सहकारिता और आपूर्ति अधिकारियों को युद्ध स्तर पर काम करने के निर्देश दिए हैं ताकि कोई भी वास्तविक किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य के लाभ से वंचित न रह जाए।

यह भी पढ़ें- झारखंड में धान अधिप्राप्ति का नया कीर्तिमान: 82% लक्ष्य हासिल, किसानों के खाते में पहुंचे 1206 करोड़

यह भी पढ़ें- धान अधिप्राप्ति केंद्रों से विपक्षी विधायकों ने बनाई दूरी, झामुमो-कांग्रेस के लोग पहुंच रहे

यह भी पढ़ें- Jharkhand Paddy Procurement: धान बेचकर फंस गए अन्नदाता, सरकार ने तोड़ा भरोसा