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धान अधिप्राप्ति केंद्रों से विपक्षी विधायकों ने बनाई दूरी, झामुमो-कांग्रेस के लोग पहुंच रहे

By Ashish Jha Edited By: Kanchan Singh
Published: Fri, 19 Dec 2025 12:04 AM (IST)

झारखंड में धान अधिप्राप्ति केंद्रों को लेकर राजनीति गरमाई हुई है। विपक्ष योजना को विफल बता रहा है, वहीं भाजपा ...और पढ़ें

धान अधिप्राप्ति केंद्र।

धान अधिप्राप्ति केंद्र।

HighLights

  1. - झारखंड में धान के नाम पर राजनीति तेज होती जा रही है, विपक्ष इस योजना को असफल बता रहा है

  2. - जिलों में अफसर विधायकों को धान अधिग्रहण केंद्रों पर आमंत्रित कर रहे, लेकिन भाजपा विधायक दूर

  3. किसानों के बीच 5.06 करोड़ रुपये का वितरण,भाजपा विधायकों ने केंद्रों से बनाई दूरी

राज्य ब्यूरो, रांची।  धान अधिप्राप्ति केंद्रों पर किसानों को धान के बदले भुगतान में एक दिन की देरी क्या हुई, भाजपा ने मुद्दा लपकने की कोशिश की और अब जब नियमित भुगतान होने लगा है तो भाजपा के विधायक योजना से दूरी बरत रहे हैं। मंत्री डा. इरफान अंसारी इसके साथ ही आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में राजनीति नहीं करते हुए हुए आम लोगों और किसानों की मदद की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि मंत्री दीपक बिरुआ इस मामले में बेहतरीन उदाहरण पेश कर रहे हैं और उन्होंने स्वयं आगे बढ़कर लैंप्स केंद्र का उद्घाटन किया। भाजपा के तमाम विधायकों को उपायुक्त कार्यालय और डीएसओ के माध्यम से आमंत्रित किया गया है लेकिन वे आ नहीं रहे हैं।

इधर, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने गुरुवार को गोड्डा के मेहरमा प्रखंड में खुशहाली एफपीसी खिरौंधी का उद्घाटन किया और इस बात के संकेत दिए कि इसके माध्यम से किसानों की खुशहाली के लिए सरकार हर संभव कदम उठाएगी। कांग्रेस, राजद और झामुमो के तमाम विधायक ऐसे कार्यक्रमों में पहुंच रहे हैं।

365 किसानों के बीच 5.06 करोड़ रुपये का वितरण

राज्य के विभिन्न धान वितरण केंद्रों के माध्यम से धान अधिप्राप्ति के बाद 365 किसानों के बीच 5.06 करोड़ रुपये का वितरण गुरुवार को किया गया। सर्वाधिक लाभुक हजारीबाग जिले के हैं। इस जिले से अब तक 34 हजार क्विंटल से अधिक धान की खरीदारी हो चुकी है। हजारीबाग के अलावा गढ़वा, चतरा, रामगढ़, कोडरमा आदि जिलों से भी बड़े पैमाने पर किसानों ने धान क्रय केंद्रों पर धान पहुंचाया है।