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Jharkhand Paddy Procurement: धान बेचकर फंस गए अन्नदाता, सरकार ने तोड़ा भरोसा

By Uttam Ranjan Edited By: Mritunjay Pathak
Published: Fri, 03 Apr 2026 06:05 PM (IST)

Jharkhand Paddy Procurement: झारखंड में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए धान खरीद की अंतिम तिथि 31 मार्च से बढ़ाकर 30 ...और पढ़ें

झारखंड के खाद्य आपूर्ति मंत्री इरफान अंसारी और धान। (फाइल फोटो)

झारखंड के खाद्य आपूर्ति मंत्री इरफान अंसारी और धान। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. धान खरीद की अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2026 तक बढ़ाई गई।

  2. किसानों को धान बेचने के बाद भी भुगतान में भारी देरी।

  3. मंत्री के 48 घंटे भुगतान के वादे का नहीं हुआ पालन।

उत्तम रंजन, पालोजोरी (देवघर)। Farmers in Jharkhand Struggle as Paddy Payments Get Delayed:झारखंड में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए धान अधिप्राप्ति (सरकारी खरीद) की अंतिम तिथि 31 मार्च से बढ़ाकर 30 अप्रैल 2026 कर दी गई है। खरीद की धीमी रफ्तार के कारण लक्ष्य पूरा नहीं होने पर सरकार ने यह निर्णय लिया है।

हालांकि, किसानों की परेशानी बरकरार है। जिन किसानों ने धान बेचा है, उन्हें समय पर भुगतान नहीं मिल पा रहा है। किसानों ने मेहनत और पूंजी लगाकर जो फसल तैयार की, उसे औने-पौने दाम पर बाजार में बेचने से बचाने के लिए सरकार ने अधिप्राप्ति केंद्र खोले हैं, ताकि वे न्यूनतम समर्थन मूल्य पर पैक्स के माध्यम से धान बेच सकें।

राज्य के खाद्य आपूर्ति मंत्री इरफान अंसारी ने घोषणा की थी कि धान खरीद के 48 घंटे के भीतर किसानों के खाते में भुगतान कर दिया जाएगा, लेकिन यह घोषणा धरातल पर पूरी होती नहीं दिख रही है।

राज्य भर में 800 से अधिक केंद्रों पर 2,450 रुपये प्रति क्विंटल (बोनस सहित) की दर से धान की खरीद हो रही है। इसके बावजूद कई किसानों को डेढ़ से दो महीने बाद भी भुगतान नहीं मिला है। वहीं, कुछ किसानों के धान की ऑनलाइन एंट्री तक नहीं हो पाई है, जिससे उनका भुगतान अधर में लटका हुआ है।

धान की एंट्री नहीं, तो भुगतान कैसे?

पैक्स की स्थिति जानने के लिए दैनिक जागरण की टीम ने शुक्रवार को पालोजोरी प्रखंड के सगराजोर पैक्स का दौरा किया। पैक्स अध्यक्ष आयूब अंसारी ने बताया कि यहां 118 किसानों से 8,026 क्विंटल धान लिया गया है, जिसमें अधिकांश की एंट्री हो चुकी है और कुछ को छोड़कर सभी का भुगतान भी हो गया है।

हालांकि, छह किसानों के धान की एंट्री समय सीमा समाप्त होने और तकनीकी कारणों से नहीं हो पाई है, जिससे उनका भुगतान अटका हुआ है।

केस स्टडी: बड़जोरी पैक्स

बड़जोरी पैक्स के अध्यक्ष बोदी महतो ने बताया कि यहां 105 किसानों से करीब 6,000 क्विंटल धान की खरीद हुई है। इनमें से 75 किसानों के 4,200 क्विंटल धान की ही ऑनलाइन एंट्री हो पाई है।

समय सीमा समाप्त होने के कारण 30 किसानों के 1,800 क्विंटल धान की एंट्री नहीं हो सकी है। इसमें से 5,200 क्विंटल धान पालोजोरी राइस मिल में और 800 क्विंटल पैक्स गोदाम में रखा है।

अब तक 45 किसानों को भुगतान मिल चुका है, जबकि 30 किसानों का भुगतान बाकी है। इन किसानों में हड़तोपा, बलियापुर, सरसवाद, महतोडीह, सागरभंगा और बड़जोरी गांव के किसान शामिल हैं।

पैक्स अध्यक्ष के अनुसार, धान खरीद की तिथि बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पत्र नहीं मिला है।