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    लापरवाही या अनदेखी? लोहरदगा में सालों से बेकार पड़ा है नया स्कूल भवन, जर्जर बिल्डिंग में पढ़ने को विवश छात्र

    झारखंड के लोहरदगा में एक स्कूल की बिल्डिंग कई सालों से बेकार पड़ा हुआ है। हालांकि अब तक शिक्षा विभाग की ओर से इस पर कोई पहल नहीं किया गया है। ऐसे में नया भवन शुरू नहीं होने से बच्चों को मजबूरन पुराने बिल्डिंग में पढ़ने को विवश होना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि नवनिर्मित स्कूल भवन आठ साल पहले बनकर तैयार हुआ था।

    By Vikram ChouhanEdited By: Shashank ShekharUpdated: Sat, 28 Oct 2023 05:18 PM (IST)
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    लापरवाही या अनदेखी? लोहरदगा में सालों से बेकार पड़ा है नया स्कूल भवन

    राजेश प्रसाद गुप्ता, भंडरा (लोहरदगा)। लोहरदगा में भवन के अभाव में विद्यालय में नामांकित बच्चों को दिक्कतों का सामना करना ना पड़े, इसी उद्देश्य से सरकार ने उत्क्रमित उच्च विद्यालय सेमरा में दो मंजिला नया विद्यालय भवन बनाया है, लेकिन उत्क्रमित उच्च विद्यालय सेमरा के नाम पर नवनिर्मित भवन के बने आठ साल से अधिक हो चुका है।

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    विद्यालय परिसर में लगे हैंडपंप को भी लोग उखाड़ ले गए हैं। इसके बावजूद आज तक नया भवन में विद्यालय का संचालन नहीं हो सका है। हालत ऐसी है कि नया भवन बेकार पड़ा हुआ है और पुराने भवन में बच्चे जाना नहीं चाहते हैं।

    सेमरा चौक पर बना नया सरकारी विद्यालय भवन

    भंडरा-सिसई मुख्य पथ में सेमरा चौक पर बना नया सरकारी विद्यालय भवन बेकार पड़ा हुआ है। इसके बाद भी सेमरा विद्यालय के शिक्षक बस्ती के अंदर के पुराने व जर्जर भवन में विद्यालय का संचालन कर रहे हैं। इससे सेमरा विद्यालय में वर्ग नौ व दस में विद्यार्थियों की संख्या कम हो रही है।

    स्थानीय ग्रामीण इस्तेयाक अंसारी कहते हैं कि गडरपो पंचायत के तिलसिरी, लालपुर, अमदारी गांव के बच्चे विद्यालय बस्ती में रहने के कारण भंडरा व बिटपी स्कूल जाना पसंद करते है।

    वहीं, उत्क्रमित उच्च विद्यालय सेमरा के नाम पर नया विद्यालय भवन बने आठ साल से अधिक हो चुका है। सेमरा के बस्ती वाले स्कूल में बच्चों को पढ़ाई करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

    '52 लाख रुपये की लागत से बना नया भवन'

    स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि उत्क्रमित उच्च विद्यालय सेमरा का पुराना भवन के आस-पास जंगल है। इससे विद्यालय के क्लास रूम में दिन में भी अंधेरा छाया रहता है।

    कहने को सिर्फ विद्यालय में बिजली है, परंतु क्लास रूम में लाइट नदारद है। इस भवन का निर्माण आठ साल पहले शिक्षा विभाग द्वारा 52 लाख रुपये की लागत से किया गया था। भवन को हस्तांतरित भी किया गया है।

    इसके बाद भी उपयोग नहीं हो रहा है। उत्क्रमित उच्च विद्यालय सेमरा में वर्ग एक से दस तक में 196 विद्यार्थी नामांकित हैं, जिसमें वर्ग नौ में 21 व दस में 30 विद्यार्थी नामांकित हैं।

    बस्ती में स्कूल होने के कारण बच्चों की संख्या कम

    विद्यालय की प्रधानाध्यापिका रेखा कुमारी कहती हैं कि बस्ती में विद्यालय होने के कारण बच्चों की संख्या कम हो रही है। विभाग विद्यालय को नया भवन में स्थानांतरित कराती है तो बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी होगी।

    गडरपो मुखिया सुमित उरांव ने कहा कि सेमरा बस्ती के जंगल के बीचो-बीच स्कूल का संचालन किया जा रहा है, जहां विद्यार्थी नहीं जाना चाहते। सेमरा चौक में बनकर तैयार नवनिर्मित विद्यालय भवन में स्कूल का संचालन होने से बच्चों की उपस्थिति बढ़ेगी। साथ ही पढ़ाई में गुणवत् भी आएगी। बस्ती में अधिकारियों का भ्रमण जरूरी है।

    क्या कहतीं है जिला शिक्षा पदाधिकारी

    जिला शिक्षा पदाधिकारी अपरूपा पाल चौधरी का कहना है कि भंडरा के उत्क्रमित उच्च विद्यालय सेमरा व उत्क्रमित उच्च विद्यालय आकाशी के लिए नया भवन बना है, जिसमें अध्यापन कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा।

    दैनिक जागरण के माध्यम से सूचना मिली है कि भवन बना है पर वहां बच्चे पढ़ाई के लिए नहीं जाते। इस पर भंडरा बीईईओ से बात कर मामले से अवगत कराने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही सेमरा व आकाशी स्कूल को नए भवन में स्थानांतरित कराया जाएगा।

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