Tata Motors ने भरी रफ्तार, व्यावसायिक वाहनों की बिक्री में बंपर उछाल
टाटा मोटर्स ने दिसंबर 2025 में व्यावसायिक वाहनों की बिक्री में 24% की वृद्धि दर्ज करते हुए कुल 40,057 इकाइयां बेचीं। जमशेदपुर प्लांट में निर्मित भारी ...और पढ़ें

दिसंबर में 40 हजार से ज्यादा गाड़ियां बिकीं
भारी वाहनों की मांग बढ़ने से जमशेदपुर प्लांट में लौटी रौनक
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। नए साल का आगाज टाटा मोटर्स के लिए खुशियों की बड़ी सौगात लेकर आया है। देश की दिग्गज वाहन निर्माता कंपनी ने दिसंबर 2025 में घरेलू बाजार में व्यावसायिक वाहनों (कामर्शियल व्हीकल) की बिक्री में 24 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है।
कुल 40,057 वाहनों की बिक्री के साथ कंपनी ने बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। यह खबर लौहनगरी जमशेदपुर के लिए इसलिए भी खास है, क्योंकि यहां स्थित टाटा मोटर्स के प्लांट में बनने वाले हैवी कमर्शियल वाहनों (एचसीवी) की मांग में भारी इजाफा हुआ है, जिससे स्थानीय उद्योग जगत में उत्साह की लहर है।
जमशेदपुर में बनने वाले हैवी ट्रकों की धूम
जमशेदपुर स्थित टाटा मोटर्स का प्लांट, जो देश में भारी व्यावसायिक वाहनों के निर्माण का प्रमुख केंद्र है, वहां अब उत्पादन की गतिविधियां और तेज होंगी। आंकड़ों के मुताबिक, हैवी ट्रक सेगमेंट में मांग ने पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
दिसंबर 2025 में 12,483 भारी ट्रक सड़कों पर उतरे, जबकि पिछले साल इसी महीने यह आंकड़ा महज 9,520 था। भारी वाहनों की इस बढ़ती मांग का सीधा असर जमशेदपुर की औद्योगिक गतिविधियों, वेंडर कंपनियों और एंसलरी यूनिट्स पर पड़ेगा, जिससे रोजगार और व्यापार के नए अवसर बनेंगे।
छोटे और मझोले वाहनों ने भी दिखाई ताकत
सिर्फ बड़े ट्रक ही नहीं, बल्कि छोटे और मझोले वाहनों ने भी बाजार में धूम मचा दी है। इंटरमीडिएट और लाइट कमर्शियल व्हीकल्स (आइएलसीवी) की बिक्री पिछले साल के 5,687 से बढ़कर इस बार 7,959 इकाई हो गई है।
वहीं, छोटे मालवाहक (एससीवी) और पिकअप वाहनों की बिक्री भी 13,018 से लंबी छलांग लगाकर 15,448 तक पहुंच गई है। यात्री वाहनों यानी बस और वैन की बिक्री में भी मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यह 4,167 इकाई रही। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार को भी जोड़ लें तो दिसंबर में कुल 42,508 गाड़ियां बिकी हैं, जिसमें निर्यात का आंकड़ा 1,506 से बढ़कर 2,451 हो गया है।
तीसरी तिमाही में दमदार प्रदर्शन
वित्तीय वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) टाटा मोटर्स के लिए मुनाफे का सौदा साबित हुई है। इस तिमाही में कंपनी ने कुल 1,15,577 व्यावसायिक वाहन बेचे, जो पिछले साल की इसी तिमाही के 95,770 यूनिट्स के मुकाबले 21 प्रतिशत अधिक है। घरेलू बाजार में ही कंपनी ने इस तिमाही में एक लाख से अधिक गाड़ियां बेचकर अपनी बादशाहत कायम रखी है।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च से बढ़ा भरोसा
टाटा मोटर्स लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक गिरीश वाघ ने इस शानदार सफलता का श्रेय कोर सेक्टर में आई तेजी को दिया है। उन्होंने बताया कि दूसरी तिमाही में दिखी बिक्री की रफ्तार तीसरी तिमाही में भी जारी रही।
निर्माण कार्य, खनन और ऑटो लॉजिस्टिक्स में बढ़ी गतिविधियों के कारण वाहनों की मांग में यह उछाल आया है। वाघ ने उम्मीद जताई कि इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार द्वारा किए जा रहे खर्च और अंतिम उपयोग वाले क्षेत्रों में विस्तार के चलते वित्तीय वर्ष की चौथी तिमाही में मांग और भी मजबूत होगी, जो जमशेदपुर के लिए निश्चित रूप से शुभ संकेत है।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।