जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : स्टीविया यानी मीठी तुलसी, इसकी पत्तियों में मिठास होती है। इसमें मिठास तो होती है, लेकिन इसमें चीनी के जैसा कैलोरी नहीं होता। इसमें फलेवोनोइड्स, एंटी ऑक्सीडेंट, फाइबर, प्रोटीन, आयरन, सोडियम, विटामिन ए, के व सी होता है। इसके अलावा मीठी तुलसी में टैनिन, ट्राइटरपेंस, कैफीनोल, कैफिक एसिड और क्वेरसेटिन जैसे कई एंटी ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं।

मीठी तुलसी बहुत महंगी आती है। इसका उपयोग कई असाध्य बीमारियों को दूर करने में किया जाता है। यही नहीं मीठी तुलसी का उपयोग करने से शरीर मजबूत होता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है। जमशेदपुर स्थित महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज अस्पताल की डायटीशियन अनु सिन्हा बता रही है स्टीविया यानी मीठी तुलसी के फायदे व नुकसान।

स्टीविया यानी मीठी तुलसी के फायदे

- मीठी तुलसी का उपयोग करने से वजन कम करने में मदद मिलती है।

- इसमें मौजूद कैल्शियम के कारण यह हड्डियों को मजबूत करने में सहायक होता है।

- मधुमेह की बीमारी में इसका सेवन करने से शर्करा को नियंत्रित करने में मदद करता है।

- मीठी तुलसी में पोटैशियम होने के कारण इसका उपयोग रक्तचाप संबंधी समस्याओं में कारगर साबित होता है।

- इसमें अनेक प्रकार के एंटी ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो कई प्रकार के कैंसर में लाभदायक होता है।

- स्टीविया यानी मीठी तुलसी का प्रयोग करने से त्वचा संबंधी समस्याओं से निजात दिलाता है।

- यह लीवर को भी स्वस्थ रखने में सहायता करता है।

- पाचन संबंधी समस्याओं में भी इसका उपयोग लाभदायक होता है।

स्टीविया यानी मीठी तुलसी के कुछ नुकसान भी है

- स्टीविया यानी मीठी तुलसी का उपयोग करने से कुछ लोगों में सिर दर्द या चक्कर की शिकायत होती है।

- मीठी तुलसी का अधिक सेवन से ऐंठन या सूजन भी हो सकता है।

- मीठी तुलसी का अधिक मात्रा में सेवन करने से यह प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकता है।

- इसके अधिक सेवन से उल्टी व जी मिचलाने जैसी समस्या हो सकती है।

- मधुमेह रोगी मीठी तुलसी का प्रयोग अपने डाक्टर या आहारविद की सलाह पर ही इसका सेवन करें, अन्यथा यह समस्याओं को और बढ़ा सकता है।

 

Edited By: Rakesh Ranjan