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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 09, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जमशेदपुर: कहीं ड्रग्स तो कहीं शराब, इस इलाके में सौदागर अपने फायदे के लिए युवाओं का जीवन कर रहे बर्बाद

By Anwesh AmbashthaEdited By: Aysha Sheikh
Published: Sat, 09 Dec 2023 02:26 PM (IST)

Jharkhand News जमशेदपुर में नशे के सौदागर अपने फायदे के लिए युवाओं का जीवन बर्बाद कर रहे हैं। ये धंधा ...और पढ़ें

जमशेदपुर: कहीं ड्रग्स तो कहीं शराब, इस इलाके में सौदागर अपने फायदे के लिए युवाओं का जीवन कर रहे बर्बाद
जमशेदपुर: कहीं ड्रग्स तो कहीं शराब, इस इलाके में सौदागर अपने फायदे के लिए युवाओं का जीवन कर रहे बर्बाद

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। नशे का धंधा तेजी से बढ़ रहा है। सौदागर अपने फायदे के लिए युवाओं को नशे की लत लगा रहे है। कहीं ड्रग्स तो कहीं शराब के अड्डे संचालित हो रहे है तो कहीं हुक्का बार। सबकुछ बड़े आराम से संचालित हो रहे है। कोई रोकटोक नहीं।

सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर और गम्हरिया का क्षेत्र है। पहचान औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विदेश तक में है। एनआइटी जैसे नामी-गिरामी शैक्षणिक संस्थान है। आवासीय कालोनी के साथ-साथ घनी आबादी वाली बस्ती क्षेत्र है।

कालोनी से ही सटे आदित्यपुर मुस्लिम बस्ती है जो आदित्यपुर थाना से कुछ ही कदम की दूरी पर है। जहां ड्रग्स (ब्राउन शुगर) का धंधा लंबे समय से संचालित हो रहा है। यहां से जमशेदपुर, गम्हरिया, कपाली, चांडिल, कांड्रा तक नशे के सौदागरों का धंधा चल रहा है। गांजा, भांग, डोडा, अफीम, अवैध शराब, लाटरी और मटका के अड्डे तो हर बस्ती में संचालित हो रहे है।

पुलिस ने साध रखी चुप्पी

खरकई नदी के किनारे इलाका बसा है। कोई ऐसा धंधा बचा नहीं जो आदित्यपुर और गम्हरिया क्षेत्र में होता नहीं। और सारे अपराध की जड अवैध धंधे ही है। सबकुछ देखकर भी पुलिस चुप्पी साधे हुए है। कारण मैनेज सिस्टम है। परिणाम सामने है। क्षेत्र में हमेशा आपराधिक वारदात की घटना है। अवैध महुवा शराब के अड्उे जगह-जगह है।

वहीं, नकली शराब की फैक्ट्री भी संचालित हो रही है। आदित्यपुर से लेकर दोमुहानी, कपाली, डोबो, चांडिल और नीमडीह तक लाइन होटलों में अवैध रूप से शराब बेची जा रही है और परोसी जा रही है। कोई देखने-सुनने वाला नहीं है। लोग परेशान है। थानों में शिकायत करते है। कोई कार्रवाई नहीं होती। थक हारकर लोग चुप हो जाते है।

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