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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 15, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Railway News: जमशेदपुर में खत्म हो जाएगी लोको कॉलोनी, वंदे भारत के लिए होने जा रहा खास इंतजाम; लिया गया अहम फैसला

Published: Tue, 15 Apr 2025 02:40 PM (IST)

टाटानगर के लोको कॉलोनी को जल्द ही बंद किया जाएगा। डीआरएम तरुण हुरिया ने निरीक्षण के दौरान क्वार्टरों को तोड़कर ...और पढ़ें

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर
प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर

HighLights

  1. डीआरएम तरुण हुरिया ने इंजीनियरिंग विभाग के साथ किया निरीक्षण
  2. लोको क्षेत्र में बनाए जाएंगे पांच नई रेललाइन व एलाइनमेंट प्वांट, ट्रेनिंग सेंटर भी टूटेगा

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। रेलवे की लोको कालोनी जल्द ही इतिहास के पन्नों पर दर्ज हो जाएगी। लोको कालोनी के क्वार्टरों को तोड़कर यहां वंदे भारत एक्सप्रेस के लिए कोचिंग डिपो, वाशिंग लाइन सहित पांच नई रेललाइन बनाने की योजना है।

चक्रधरपुर मंडल के डीआरएम तरुण हुरिया सोमवार सुबह इंजीनियरिंग विभाग की टीम के साथ लोको कालोनी का दौरा किया।

इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 600 मीटर के दायरे में आने वाले सभी रेलवे क्वार्टर, लोको ट्रेनिंग सेंटर को जमीदोज किया जाएगा।

डीआरएम ने इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि बागबेड़ा व बर्मामाइंस छोर में रेलवे की जमीन का चयन करें जहां नया ट्रेनिंग सेंटर बनाया जा सके।

साथ ही रेलवे कर्मचारियों के लिए आठ मंजिला फ्लैट भी निर्माण कराने की भी बात कही गई। इस दौरान डीआरएम वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियरिंग विभाग, ट्रेनिंग स्कूल, बागबेड़ा कॉलोनी का भी दौरा किया।

इस दौरान चक्रधरपुर मंडल के एडीआरएम विनय कुजूर, टाटानगर के क्षेत्रीय रेल प्रबंधक अभिषेक सिंघल, एईएन विनोद कुमार सहित इंजीनियरिंग, लैंड, विद्युत, आपरेटिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रैक्शन विभाग के वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

नई ट्रेनिंग सेंटर का काम रूकवाया

निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने देखा कि ट्रेनिंग सेंटर के अंदर नए भवन के लिए नींव तैयार कर ढ़लाई की गई है। डीआरएम ने कहा कि जब यहां पांच नई लाइन बनेंगी तो पूरी बिल्डिंग को तोड़ना होगा, ऐसे में अब यहां निर्माण का कोई औचित्य नहीं है इसलिए उन्होंने काम को रूकवा दिया।

साथ ही इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि बागबेड़ा, कैरेज कालोनी या बर्मामाइंस छोर में रेलवे की जमीन तलाश करें जहां नए ट्रेनिंग सेंटर तैयार किया जा सके।

नापी कर प्रस्ताव बनाकर भेजने का निर्देश

डीआरएम ने निर्देश दिया कि लोको क्षेत्र में 600 मीटर नए वाशिंग लाइन व कोचिंग डिपो के लिए पहले नापी की जाए। इसमें कितने क्वार्टर टूटेंगे, रेलवे की कौन-कौन सी इंफ्रास्ट्रक्चर को हटाना होगा। इसका पूरा प्रस्ताव बनाकर भेजने का निर्देश अधिकारियों को दिया।

खत्म हो जाएगी ट्रेनिंग सेंटर की बिल्डिंग

वर्तमान में लोको कालोनी में 1959 में निर्मित लोको ट्रेनिंग सेंटर है जहां पूरे मंडल से रनिंग कर्मचारी ट्रेनिंग के लिए आते हैं। इसके बगल में उनके ठहरने के लिए हास्टल की भी व्यवस्था है। नई रेललाइन बनने से ये दोनों को तोड़ दिया जाएगा।

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