कोल्हान बनेगा शिक्षा का केंद्र; खुलेगा नया मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालय, 450 से बढ़कर 600 सीटें होने की संभावना
कोल्हान प्रमंडल शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति कर रहा है। यहां एक नया विश्वविद्यालय खुलने की संभावना है, जबकि मेडिकल सीटों की संख्या 450 से ब ...और पढ़ें

कोल्हान में खुलेगा नया मेडिकल कालेज एवं विश्वविद्यालय। फोटो जागरण
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। कोल्हान प्रमंडल शिक्षा के क्षेत्र में नई उम्मीदें लेकर आ रहा है। कोल्हान अब पूर्ण रूप से मेडिकल शिक्षा एवं विश्वविद्यालय स्तरीय शिक्षा में कई आयाम स्थापित कर चुका है। आने वाले वर्ष इस दिशा में और प्रयास होंगे। कोल्हान में कुल मिलाकर छह विश्वविद्यालय पहले से ही चल रहे हैं। अब यहां एक नया विश्वविद्यालय खुल सकता है।
रंभा कॉलेज और आरवीएस कॉलेज की संचिका सरकार के पास विचाराधीन है। इसी तरह पहले से मेडिकल क्षेत्र में 450 सीट पर नामांकन हो रहा है। नए वर्ष में यह संख्या 600 के पार जा सकती है। साथ ही चाईबासा का मेडिकल कॉलेज भी अस्तित्व में आ सकता है।
जमशेदपुर के सदर अस्पताल में भी मेडिकल कालेज खोलने की घोषणा पीपीपी माडल पर की गई है। कुल मिलाकर कोल्हान प्रमंडल शिक्षा का हब बनने की ओर अग्रसर हो रहा है। पूर्वी सिंहभूम की बात करें तो यहां दो नए डिग्री कालेज प्रारंभ हो सकते हैं।
बोड़ाम में बनने वाला डिग्री कालेज बन रहा है। हाता में भी कार्य प्रारंभ हो चुका है। दोनों स्थानों में डिग्री कालेज नए साल में अस्तित्व में आ सकता है। इसकी तैयारियां विश्वविद्यालय स्तर से की जा चुकी है। बस उच्च शिक्षा विभाग से अनुमति का इंतजार है। इधर घाटशिला में पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय विश्वविद्यालय की जमीन को लेकर सीमांकन का कार्य प्रारंभ हो चुका है। सरकार इस विश्वविद्यालय को खोलने के लिए लगातार प्रयासरत है।
कोल्हान विवि को इस वर्ष प्रोफेसर मिलने की उम्मीद
इस वर्ष कोल्हान विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों को प्रमोशन मिलने की उम्मीद है। प्रमोशन अगर होते हैं तो विश्वविद्यालय को कम से कम 11 प्रोफेसर मिल जाएंगे। इससे पीएचडी करने वाले छात्रों को सहूलियत प्राप्त होगी।
विश्वविद्यालय भी नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन की दृष्टि से अनुसंधान एवं पेटेंट पर ज्यादा जोर इस वर्ष देगा। इसके लिए अलग से कार्ययोजना भी बनाई जा रही है। विश्वविद्यालय की वेबसाइट को भी यूजीसी के निर्देश के अनुरूप अपग्रेड किया जा रहा है। नई शिक्षा नीति के तहत यूजी का पहला बैच भी इस वर्ष निकलेगा।

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