विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Canara Bank Robbery Jamshedpur: बैंक डकैतों का अंतरराज्यीय कनेक्शन, जानिए कैसे काम करते हैं ये खतरनाक गैंग

Published: Sun, 04 Oct 2026 06:30 AM (IST)

पुलिस ने जमशेदपुर के केनरा बैंक डकैती मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए पांच डकैतों की पहचान कर ली ...और पढ़ें

डकैतों की तस्वीरें। फाइल फोटो

डकैतों की तस्वीरें। फाइल फोटो

HighLights

  1. पुलिस ने जमशेदपुर केनरा बैंक डकैती के पांच आरोपियों की पहचान की।

  2. फरार डकैतों पर दो-दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया।

  3. बिहार-बंगाल के अंतरराज्यीय गिरोहों की कार्यशैली का खुलासा हुआ।

जासं, जमशेदपुर। गोलमुरी स्थित केनरा बैंक से 23 किलो सोना और 43 लाख रुपये की सनसनीखेज डकैती के मामले में जमशेदपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 
 
घटना के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज के आधार पर पुलिस ने पांच डकैतों की पहचान कर ली है और उनकी तस्वीरें व विवरण सार्वजनिक कर दिए हैं। 
 
पुलिस ने फरार आरोपियों पर दो-दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया है और आम जनता से उनकी पहचान व गिरफ्तारी में सहयोग की अपील की है।
 

तीन डकैतों की हुई पहचान, दो की तलाश जारी 

पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, जिन तीन आरोपियों की पहचान स्थापित हुई है, उनमें शामिल हैं: 
  • प्रियदर्शी उर्फ दर्शन कुमार - निवासी: चैत थाना क्षेत्र, समस्तीपुर (बिहार)
  • अक्षय कुमार उर्फ साका - निवासी: गोसाई गांव, धनकडोभ, पटना (बिहार)
  • अमन सिंह - निवासी: तालपुकुर बस्ती, गिरियापाड़ा, रानीगंज (पश्चिम बंगाल)
  • शेष दो अन्य डकैतों के नाम और पते की शिनाख्त के प्रयास जारी हैं।
 

तीन राज्यों में SIT की 20 टीमों की ताबड़तोड़ छापेमारी 

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) की 20 अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। यह टीमें बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। 
 
पुलिस के अनुसार, डकैती को अंजाम देने के बाद आरोपी पुलिस की पकड़ से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहे हैं। तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर उनकी गतिविधियों व भागने के रास्तों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
 
पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी भी व्यक्ति को इन आरोपियों के संबंध में कोई सुराग मिले, तो वे तुरंत वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय, पुलिस अधीक्षक (नगर), नगर डीएसपी या गोलमुरी थाना प्रभारी को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।
 

बिहार-बंगाल के कुख्यात बैंक डकैती गिरोह और उनकी कार्यशैली 

जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि बिहार और पश्चिम बंगाल से जुड़े अंतरराज्यीय गिरोह देश के विभिन्न राज्यों जैसे झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और गुजरात में करोड़ों रुपये की बड़ी लूट की वारदातों को अंजाम देने के लिए कुख्यात हैं। 
 
ये गैंग एक अत्यंत संगठित और अत्याधुनिक नेटवर्क के तहत काम करते हैं। घटना को अंजाम देने के बाद पुलिस चकमा देने में माहिर हैं।
 

1. सुबोध सिंह गिरोह (बेऊर जेल से संचालन) 

बिहार का सुबोध सिंह गिरोह भारत के सबसे बड़े बैंक और गोल्ड लोन डकैती नेटवर्कों में से एक है। वर्तमान में बेऊर जेल से संचालित होने वाला यह गिरोह मुख्य रूप से बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा और मध्य प्रदेश में सक्रिय है। इसके शूटर और लाइनर बिहार-बंगाल के सीमावर्ती इलाकों को छिपने व रसद (लाजिस्टिक्स) के लिए इस्तेमाल करते हैं।
 

2. कन्हैया यादव गिरोह 

बिहार के भागलपुर का यह कुख्यात गिरोह भागलपुर, बांका और पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में ताबड़तोड़ बैंक डकैतियों के लिए जाना जाता है।
 

3. नालंदा और वैशाली के अंतरराज्यीय माड्यूल 

बिहार के नालंदा, वैशाली और अरवल जिलों से जुड़े कई छोटे-बड़े माड्यूल दूसरे राज्यों में जाकर बड़ी लूट की घटनाएं करते हैं। हाल ही में मध्य प्रदेश के सिंगरौली में बैंक ऑफ महाराष्ट्र से हुई 70 लाख रुपये के सोने व कैश की डकैती में पुलिस ने नालंदा के फंटूस कुमार यादव और कमलेश कुमार को गिरफ्तार किया था।
 

4. आसनसोल-वर्धमान और धनबाद का नेक्सस 

पश्चिम बंगाल के आसनसोल व वर्धमान के अपराधी झारखंड के सीमावर्ती गैंग्स (जैसे धनबाद के गिरोह) के साथ मिलकर अंतरराज्यीय वारदातों को अंजाम देते हैं।
 

5. 'एटीएम बाबा' सुधीर मिश्रा का हाई-टेक गैंग 

बिहार से संचालित होने वाला यह गिरोह उत्तर प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों में अपने प्रशिक्षित शूटरों व कटरों को मोबाइल से निर्देश देता है। यह गिरोह अत्याधुनिक गैस कटर, हैकसा ब्लेड और सीसीटीवी कैमरों पर काली स्याही पोतकर मात्र 15 मिनट के भीतर एटीएम काटकर करोड़ों रुपये उड़ाने में माहिर है।
 

कैसे काम करते हैं ये अंतरराज्यीय गैंग? 

  • रेकी और हथियारों का जखीरा: वारदात से हफ्तों पहले बैंक के आसपास रेकी की जाती है। इन अपराधियों के पास अत्याधुनिक हथियार, पिस्तौलें और कटर मशीनें होती हैं। 
  • सटीक टाइमिंग: ये गिरोह अक्सर बैंक खुलते ही (सुबह 10 से 11 बजे के बीच) हमला करते हैं, ताकि कैश काउंटर और लॉकर रूम को आसानी से निशाने पर लिया जा सके। 
  • भागने के लिए ग्रामीण रास्तों का इस्तेमाल: डकैती के बाद अपराधी मुख्य हाइवे से बचते हुए ग्रामीण और अंदरूनी रास्तों का उपयोग करते हैं, जिससे एक राज्य से दूसरे राज्य की सीमा में प्रवेश कर पुलिस की नाकेबंदी को आसानी से चकमा दे सकें।

यह भी पढ़ें- केनरा बैंक डकैती जमशेदपुर: फरार डकैतों पर 2-2 लाख रुपये का इनाम, पुलिस ने जारी की तस्वीर

यह भी पढ़ें- कनाडा में गोलीबारी के आरोप में 3 भारतीय गिरफ्तार, पुलिस ने जारी की तस्वीरें; रिमांड पर भेजा

यह भी पढ़ें- जमशेदपुर में गोलमुरी बैंक डकैती व मरीन ड्राइव फायरिंग पर मुख्यालय सख्त, डीजीपी ने एसएसपी आवास पर ली हाईलेवल बैठक