ईचागढ़: कब्रिस्तान की चारदीवारी को किया ध्वस्त, फसलों को रौंदा; आसपास के दर्जनों पेड़ों को भी किया क्षतिग्रस्त
Jharkhand News झारखंड के ईचागढ़ व तिरुलडीह थाना क्षेत्र में जंगली हाथियों के लोगों के बीच खौफ फैलाया हुआ है। बीती रात झुंड से बिछड़े एक हाथी ने शीशी गांव में जमकर उत्पात मचाया और शीशी गांव के कब्रिस्तान के चारदीवारी के 70 प्रतिशत हिस्से को ध्वस्त कर दिया। शीशी कब्रिस्तान के आसपास के दर्जनों पेड़ो को भी जंगली हाथी ने क्षतिग्रस्त कर दिया।
संवाद सूत्र, ईचागढ़। ईचागढ़ व तिरुलडीह थाना क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। जंगली हाथी का आतंक अनुमंडल क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में देखने को मिल रहा है। इधर, कुकड़ू प्रखंड क्षेत्र के शीशी गांव में बीती रात झुंड से बिछड़े एक हाथी ने शीशी गांव में जमकर उत्पात मचाया और शीशी गांव के कब्रिस्तान के चारदीवारी के 70 प्रतिशत हिस्से को ध्वस्त कर दिया।
शीशी गांव के सफाउद्दीन अंसारी, कुर्बान अंसारी, दानिश अंसारी, जलाल अंसारी, तकबुल अंसारी, जाकिर अंसारी, सेराज अंसारी, नूर हसन, नासिर अंसारी समेत कई किसानों के करीब चार एकड़ भूमि में लगा, गए आलू के खेती को पूरी तरह से रौंद दिया।
दर्जनों पेड़ो को भी कर दिया क्षतिग्रस्त
वहीं शीशी कब्रिस्तान के आसपास के दर्जनों पेड़ो को भी जंगली हाथी ने क्षतिग्रस्त कर दिया। इधर, सभी किसानों ने रौंदे गए आलू के खेती का आंकलन कर वन विभाग से मुआवजा देने की मांग की है। मालूम हो कि बीते करीब डेढ़ महीने से जंगली हाथी अलग-अलग झुंडों में कुकड़ू, नीमडीह, ईचागढ़ व चांडिल प्रखंड के विभिन्न गांवों में विचरण कर रहा है। इसके कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। वहीं वन विभाग लाख कोशिशों के वाबजूद जंगली हाथियों को खदेड़ने में नाकाम है।
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