“बिहार में 20-25 हजार में शादी” बयान पर बवाल, मंत्री के पति की बढ़ीं कानूनी मुश्किलें, जानें क्या है पूरा मामला
उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू की मुश्किलें बिहार की महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर बढ़ गई हैं। जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय ...और पढ़ें

गिरधारी लाल साहू।
महिलाओं को वस्तु के रूप में दर्शाने का आरोप
परिवादी अधिवक्ता ने अपनी याचिका में कहा है कि एक जनप्रतिनिधि से जुड़े व्यक्ति द्वारा दिया गया यह बयान न सिर्फ महिलाओं का अपमान है, बल्कि उन्हें वस्तु के रूप में प्रस्तुत करता है। याचिका में इसे सामाजिक नैतिकताओं के विरुद्ध बताते हुए कहा गया है कि इस तरह की टिप्पणी मानव तस्करी और लैंगिक भेदभाव जैसी कुप्रथाओं को बढ़ावा देती है।
परिवाद में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह कथित बयान संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 के तहत महिलाओं को प्राप्त समानता, गरिमा और जीवन के अधिकार का उल्लंघन है। अधिवक्ता ने अदालत से आग्रह किया है कि इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT act) की सुसंगत धाराओं के तहत संज्ञान लिया जाए और आरोपित को समन जारी कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।
फिलहाल न्यायालय ने इस परिवाद पर कोई अंतिम आदेश पारित नहीं किया है। मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किए जाने की प्रक्रिया चल रही है।
पहले से दर्ज है एक मामला
उल्लेखनीय है कि इससे पहले बिहार के मुजफ्फरपुर कोर्ट में भी गिरधारी लाल साहू के खिलाफ इसी मामले को लेकर परिवाद दायर किया जा चुका है। बताया जा रहा है कि यह विवादित बयान उन्होंने अल्मोड़ा (उत्तराखंड) में दिया था, जिसके बाद देशभर में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
विवाद बढ़ने के बाद गिरधारी लाल साहू ने सफाई देते हुए कहा था कि वह अपने एक मित्र से मजाक कर रहे थे और उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। हालांकि, उनकी इस सफाई के बावजूद बयान को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश बना हुआ है।

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