विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सॉफ्टवेयर इंजीनियरों ने CAT में मचाया धमाल, शुभम पाल को मिले 99.79 परसेंट; जगप्रीत-प्रत्युष का भी रहा जलवा

By Ch Rao Edited By: Aysha Sheikh
Published: Fri, 22 Dec 2023 12:48 PM (GMT+05:30)

CAT 2023 Result कैट के परीक्षा परिणाम में अधिकांश साफ्टवेयर इंजीनियर ने काफी अच्छे अंक प्राप्त किए हैं। सोनारी के ...और पढ़ें

सॉफ्टवेयर इंजीनियरों ने CAT में मचाया धमाल, शुभम पाल को मिले 99.79 परसेंट; जगप्रीत-प्रत्युष का भी रहा जलवा
सॉफ्टवेयर इंजीनियरों ने CAT में मचाया धमाल, शुभम पाल को मिले 99.79 परसेंट; जगप्रीत-प्रत्युष का भी रहा जलवा

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। कैट के परीक्षा परिणाम में अधिकांश साफ्टवेयर इंजीनियर हैं, जिन्होंने 99 से अधिक परसेंटाइल प्राप्त किया है। शहर में भी ऐसे कई सफल विद्यार्थी है, जिन्होंने अपना रौशन किया है। बाहर रहते हुए आनलाइन कोचिंग के माध्यम से यह सफलता हासिल की है और वे साफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्यरत है।

सोनारी के रहने वाले चेन्नई में एचसीएल में साफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्यरत शुभम पाल को 99.79 परसेंटाइल प्राप्त किया है। उनके पिता शांति कुमार पाल व मां मधुमिता कौर बेटे की सफलता पर खुश है। बिरसानगर के रहने वाले शास्वत शर्मा ने 99.72 परसेंटाइल प्राप्त किया है। वे गुड़गांव में मारूति सुजकि में इंजीनियरिंग के पद पर कार्यरत है।

शास्वत ने कहां से की बीटेक की पढ़ाई

शास्वत ने बीटेक की पढ़ाई बीआइटी मेसरा से की है। उसके पिता पीएस वर्मा व मां मीता वर्मा ने बताया कि उसे शुरू से प्रबंधन के शीर्ष पद स्थापित होने की इच्छा है। इसी उद्देश्य से वह काम करते हुए भी इसकी पढ़ाई कर रहा था। जेम्को के जगप्रीत सिंह को 99.61 परसेंटाइल प्राप्त हुआ है। उनके पिता कुलविंदर सिंह का जनरल स्टोर है और मां परमजीत कौर गृहणी है।

उसकी स्कूलिंग केपीएस बर्मामाइंस से हुई है। बारहवीं की परीक्षा उसने चिन्मया विद्यालय से वर्ष 2020 में उत्तीर्ण की है। वर्तमान में वह चंडीगढ़ में बीबीए की पढ़ाई कर रहा है। टेल्को के प्रत्यांश चौहान को 99.61 परसेंटाइल प्राप्त हुआ है। वे भी गुड़गांव में साफ्टवेयर इंजीनियर है। उसकी स्कूलिंग लिटिल फ्लावर स्कूल टेल्को से हुई है। इसके बाद वे इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने बाहर चले गए।

उसके पिता सुबोध कुमार ने बेटे की सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रबंधन के क्षेत्र में करियर बनाना उसका लक्ष्य शुरू से रहा है। सभी टापर विद्यार्थी भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद, बेंगलुरू व कोलकाता में दाखिला चाहते हैं।

ये भी पढ़ें -

Naxal Attack in Jharkhand: ये ट्रेनें की गई रद्द, दस घंटे तक परिचालन रहा ठप; रातभर नक्सली ईलाकों में भी खड़ी थी कई रेलगाड़ी

रात के अंधेरे में राशन की कालाबाजारी करता पकड़ा गया डीलर, गरीबों के अनाज की जमकर लूट; अब जाकर हुआ खुलासा