हजारीबाग में योगेन्द्र साव ने रातोंरात सड़क पर खड़ी की दीवार, प्रशासन ने किया ध्वस्त; शुरू कराया परिचालन
केरेडारी के चट्टी बारियातू कोल माइंस परियोजना में पूर्व कृषि मंत्री योगेन्द्र साव ने कोयला ट्रांसपोर्टिंग सड़क पर रातोंरात 20 फीट लंबी दीवार खड़ी कर द ...और पढ़ें
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प्रशासन ने तोड़ी दीवार। (जागरण)
जागरण संवाददाता, केरेडारी (हजारीबाग)। 2 जनवरी 2026 शुक्रवार को केरेडारी के चट्टी बारियातू कोल माइंस परियोजना से जोरदाग के मुंडा टोली से 2.2 किमी लबनिया मोड़ तक सड़क में एक अजीबोगरीब घटना देखने को मिला।
दरअसल कोयला ट्रांसपोर्टिंग की उक्त सड़क में गत 1 जनवरी की रात्रि में पूर्व कृषि मंत्री योगेन्द्र साव ने रातोंरात बीच सड़क पर करीब 20 फीट लंबी और चार फीट ऊंची ईंट और मिट्टी से दीवार खड़ी कर कोयला ट्रांसपोर्टिंग का कार्य बाधित कर दिया।
जिसको शुक्रवार की दोपहर केरेडारी, बड़कागांव अनुमंडल की पुलिस ने सीओ रामरतन कुमार वर्णवाल, मैजिस्ट्रेट के रूप में तैनात जेई दिलीप दास समेत कई वरीय अधिकारियों की मौजूदगी में पुलिस के दर्जन जवानों ने धरना पर बैठे योगेन्द्र साव को जबरन सड़क से हटाकर सड़क की दीवार तोड़कर कोयला वाहनों की ट्रांसपोर्टिंग चालू कराया।
इस मौके पर पूर्व विधायक निर्मला देवी भी घटनास्थल पर योगेन्द्र साव के साथ बैठी थी। विदित हो कि योगेन्द्र साव के इन्हीं हरकतों को देखते हुए केरेडारी के माइंस क्षेत्र में जिला प्रशासन ने 144 लगा दिया है।

केरेडारी घटना स्थल से योगेन्द्र साव को हटाती पुलिस बल।
बताया जाता है कि योगेन्द्र साव जोरदाग के झुमरी टांड़ में स्थित करीब 30 वर्षों की फायर ब्रिक्स फैक्ट्री को ध्वस्त किए जाने और 2.2 सड़क में 60 डिसमिल जमीन की मुआवजा को लेकर पिछले 1 अगस्त 2025 से धरना और कोयला ट्रांसपोर्टिंग कार्य को बाधित करते आ रहे हैं।
योगेन्द्र साव का कहना है कि मुझे और रैयतों को 2013 भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत मुआवजा की राशि चार गुना अर्थात करीब एक करोड़ प्रति एकड़ दिया जाय। इधर उक्त कोयला खनन परियोजना चट्टी बारियातू के वरीय अधिकारियों ने बताया कि योगेन्द्र साव की चिमनी फैक्ट्री की मुआवजा राशि बीते 15 जुलाई को रांची ट्रिब्यूनल कोर्ट में 1.97 करोड़ रुपये जमा कर दिया गया है।
वहीं, कोयला ट्रांसपोर्टिंग सड़क में 60 डिसमिल जमीन योगेन्द्र साव के नाम से दाखिल खारिज नहीं किया गया है। केरेडारी सीओ के मुताबिक विवादित जमीन खाता 13 प्लॉट 190 रकबा 1 एकड़ जंगल, झाड़ और गैरमजरुवा किस्म की भूमि है।
जबकि प्रशासन का यह भी कहना है कि यदि उक्त जमीन योगेन्द्र साव की है तो रातों रात चुपके से बीच सड़क पर दीवार खड़ी क्यों किया गया। फिलहाल पुलिस प्रशासन ने सड़क पर रातोंरात खड़ी की गई दीवार ध्वस्त कर कोयला वाहनों का परिचालन शुरू करा दिया है।

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