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    हजारीबाग के गांव में घुसा हाथियों का झुंड, कई घरों में मचाई तोड़फोड़ और बिखेर दिया पूरा अनाज

    Updated: Wed, 16 Jul 2025 06:41 PM (IST)

    हजारीबाग के घुटु गांव में हाथियों के झुंड ने आधी रात को भारी तबाही मचाई। लगभग 17-18 हाथियों ने कई घरों को नुकसान पहुंचाया और अनाज खा गए। ग्रामीणों ने ...और पढ़ें

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    केरेडारी के घुटु गांव में हाथियों ने कई घरों को पहुंचाया नुकसान। जागरण फोटो

    संवाद सूत्र, केरेडारी (हजारीबाग)। मंगलवार की आधी रात के बाद घुटु गांव में हाथियों के एक झुंड ने भारी तबाही मचाई। करीब 17 से 18 हाथियों ने डेढ़ घंटे तक गांव में तांडव मचाया, जिसमें आधा दर्जन से अधिक घरों को नुकसान पहुंचा और कई क्विंटल अनाज खा गए।

    ग्रामीणों के अनुसार, हाथी करीब 12:30 बजे रात को पूर्व-दक्षिण दिशा से घुसे और नव प्राथमिक विद्यालय घुटु के रास्ते गांव में प्रवेश किया। सबसे पहले विद्यालय के रसोई घर की खिड़की तोड़ी, फिर पास ही स्थित लखन रजक के घर में घुसकर ट्रैक्टर को पलट दिया और दरवाजा तोड़ अंदर घुस गए।

    सायरन बना सहारा

    ग्रामीण लखन रजक के अनुसार, हाथियों ने उनके घर से करीब चार क्विंटल सरसों, सात क्विंटल चावल और अन्य राशन खा लिया। साथ ही, सोलर प्लेट, इनवर्टर, बैटरी और घरेलू सामान भी नष्ट कर दिया।

    इस दौरान लखन अपने ऊपरी मंजिल में दुबके रहे और पूरी घटना को डर के साए में देखा। इसके अलावा वंशी रजक, भरत रजक, घुजा रजक, डोमन रजक, जगरनाथ महतो, बालेश्वर महतो, किसुन महतो और अनिल महतो के घरों को भी भारी नुकसान हुआ।

    वन विभाग को दी गई सूचना

    जगरनाथ महतो का परिवार बाल-बाल बचा, क्योंकि जिस खिड़की को हाथियों ने तोड़ा, उसके ठीक पास वह परिवार सो रहा था। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचित किया, लेकिन कर्मी देर से पहुंचे।

    तीन-चार कर्मियों के पहुंचने के बाद सायरन बजाया गया, जिससे झुंड गांव से निकलकर सुखलकठवा टांड़ की ओर चला गया। घटना की सूचना मिलने पर मुखिया अशोक राम भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को हिम्मत दी।

    मुआवजा दिलाने का आश्वासन

    उन्होंने पीड़ितों को मुआवजा दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल हाथियों का झुंड घुटु गांव में तबाही मचाता है।

    लेकिन वन विभाग अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल सका है। उन्होंने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा देने और सुरक्षा के स्थायी उपाय सुनिश्चित करने की मांग की है।