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    Gumla टीकाकरण के डेढ़ घंटे बाद बच्ची की मौत, परिजनों में आक्रोश

    By Santosh Kumar Edited By: Kanchan Singh
    Updated: Sun, 04 Jan 2026 03:37 AM (IST)

    गुमला के डुमरी प्रखंड स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर भागीटोली में टीकाकरण के डेढ़ घंटे बाद एक माह की बच्ची शिवानी कुमारी की मौत हो गई। परिजनों ने एएनएम स ...और पढ़ें

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    डुमरी प्रखंड के आयुष्मान आरोग्य मंदिर भागीटोली में टीकाकरण के बाद एक माह की बच्ची की मौत हो गई।

    संवाद सूत्र,डुमरी (गुमला)। डुमरी प्रखंड के आयुष्मान आरोग्य मंदिर भागीटोली में टीकाकरण के बाद एक माह की बच्ची की मौत का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। घटना को लेकर परिजनों में भारी आक्रोश है और उन्होंने संबंधित एएनएम पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया है और जांच शुरू कर दी गई है।

    टीकाकरण के कुछ ही देर बाद बिगड़ी हालत

    प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते शुक्रवार को आयुष्मान आरोग्य मंदिर भागीटोली में मुकुंद नायक की एक माह की पुत्री शिवानी कुमारी को टीका लगाया गया था। परिजनों का कहना है कि टीका लगने के कुछ ही समय बाद बच्ची की हालत बिगड़ने लगी। उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगी, शरीर में अकड़न आ गई और वह लगातार रोने लगी। देखते ही देखते टीकाकरण के लगभग डेढ़ घंटे के भीतर बच्ची की मौत हो गई।

    परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

    आक्रोशित परिजनों ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर भागीटोली में पदस्थापित एएनएम सुषमा टोप्पो पर सीधी लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब बच्ची की स्थिति बिगड़ रही थी, तब न तो उसे कोई प्राथमिक उपचार दिया गया और न ही समय रहते किसी बड़े चिकित्सा संस्थान में रेफर किया गया। यदि समय पर उचित इलाज मिलता, तो बच्ची की जान बच सकती थी।

    स्थानीय जनप्रतिनिधि ने भी जताई नाराजगी

    इस संबंध में स्थानीय मुखिया ज्योति बहेर देवी ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि ग्राम लठाटोली में टीकाकरण के दौरान लापरवाही के कारण बच्ची की मौत हुई है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है।

    स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच

    सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डुमरी के प्रभारी चिकित्सक डॉ. अलबेल केरकेट्टा ने बताया कि घटना की सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि प्रथम टीका जन्म के 45 दिन बाद दिया जाता है, जबकि सूचना के अनुसार मृत बच्ची की उम्र लगभग 36 दिन बताई जा रही है। पूरे मामले की जांच की जा रही है और संबंधित एएनएम से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

    एएनएम ने आरोपों से किया इनकार

    वहीं एएनएम सुषमा टोप्पो ने बताया कि ग्राम डहकुल में एक ही इंजेक्शन से दो बच्चों को टीका दिया गया था और टीकाकरण के बाद बच्ची को 15 मिनट तक निगरानी में रखा गया था। इसके बाद बच्ची की मृत्यु कैसे हुई, इस पर उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार किया। घटना के बाद से क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लोगों में डर और आक्रोश दोनों का माहौल है।