Jharkhand News: कुख्यात अमन साहू को चाईबासा जेल में किया गया शिफ्ट, कारा के अंदर-बाहर कड़ी की गई सुरक्षा
गिरिडीह केंद्रीय कारा की अधीक्षक हिमानी प्रिया को धमकी मिलने के बाद जेल आईजी सुदर्शन मंडल के निर्देश पर रविवार सुबह 0400 बजे कुख्यात अमन साहू को चाईबासा जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। अमन साहू को गोपनीय तरीके से कड़ी सुरक्षा के बीच चाईबासा जेल ले जाया गया। वहां उसे शिफ्ट करने के बाद जेल के अदंर और बाहर की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

जागरण संवाददाता, गिरीडीह। कुख्यात अमन साहू को रविवार तड़के चाईबासा जेल शिफ्ट कर दिया गया। गिरिडीह केंद्रीय कारा की अधीक्षक हिमानी प्रिया को धमकी देने के मामले में मुख्यालय स्तर पर दी गई सूचना के बाद जेल आईजी सुदर्शन मंडल के निर्देश पर यह कार्रवाई हुई है।
शनिवार की रात मुख्यालय से अमन साहू की शिफ्टिंग का आदेश गिरिडीह केंद्रीय कारा प्रबंधन को मिला और इसके बाद गोपनीय तरीके से रविवार सुबह 04:00 कड़ी सुरक्षा के बीच अमन साहू को चाईबासा जेल ले जाया गया।
अमन साहू मेदिनीनगर केंद्रीय कारा से गिरिडीह किया गया था शिफ्ट
गौरतलब है कि 1 महीने पहले 20 जून को अमन साहू को मेदिनीनगर केंद्रीय कारा से गिरिडीह लाया गया था। यहां वह अपने लिए कई तरह की सुविधाओं की मांग कर रहा था।
सुविधाएं मुहैया नहीं कराने पर गिरिडीह केंद्रीय कारा की अधीक्षक हिमानी प्रिया को अमन साहू के गुर्गे मयंक सिंह ने अंतर्राष्ट्रीय नंबरों से फोन कॉल और मैसेज कर अंजाम भुगतने की धमकी दी थी।
कारा अधीक्षक ने चार लोगों को किया था गिरफ्तार
इधर बीते सप्ताह एटीएस ने कार्रवाई करते हुए संदिग्ध नंबरों को सर्विलांस पर रखा था और कारा अधीक्षक हिमानी प्रिया के खिलाफ षड्यंत्र की पुष्टि पर राज्य के विभिन्न ठिकानों से चार लोगों को गिरफ्तार किया था। पकड़े गए लोगों ने स्वीकार किया था कि वह हिमानी प्रिया के देवघर स्थित आवास पर गोलीबारी की योजना बना रहे थे।
रांची के होटवार जेल में बंद चंदन और मयंक सिंह के निर्देश पर वह स्लीपर सेल की तरह काम करते थे। मामले के प्रकाश में आने के बाद जेल आईजी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अमन साहू को गिरिडीह से चाईबासा शिफ्ट करने का आदेश जारी कर दिया।
कड़ी की गई केंद्रीय कारा के अंदर-बाहर की सुरक्षा
गिरिडीह केंद्रीय कारा में कुख्यात अमन साहू की शिफ्टिंग और गिरोह के मयंक सिंह के नाम पर कारा अधीक्षक हिमानी प्रिया को धमकी देने के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
जेल के अंदर-बाहर सुरक्षा में सेंध लगाने वालों को चिह्नित किया जा रहा है। इधर, जेल अधीक्षक की मांग पर केंद्रीय कारा के बाहर सुरक्षा गश्त बढ़ा दी गई है।
जेल के अंदर भी अमन साहू के हितैषियों पर रखी जा रही नजर: अमन साहू दो साल पहले भी गिरिडीह जेल में रह चुका है। इसी जुलाई महीने में वर्ष 2022 में उसने कारा प्रबंधन पर दबाव बनाने के लिए गोलीचालन की घटना को अंजाम दिया था।
अब एक बार फिर उसकी धमकी से कारा प्रबंधन अलर्ट है। कारा अधीक्षक हिमानी प्रिया ने बताया कि अमन सिंह की शिफ्टिंग के बाद मुख्यालय से अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी की मांग की गई है, ताकि उसपर 24 घंटे कड़ी नजर रखी जा सके। वहीं जेल के अंदर भी उसके हितैषियों को चिह्नित किया जा रहा है। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एसपी को पत्र लिखकर की सुरक्षा बढ़ाने की मांग
इधर, जेल अधीक्षक ने गिरिडीह एसपी को पत्र लिखकर सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। मामले में एसपी दीपक कुमार शर्मा ने मुफस्सिल थाने की पुलिस को जेल के आसपास गश्ती तेज करने का निर्देश दिया है।
जेल परिसर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों से सड़क पर गुजरनेवालों पर भी नजर रखी जा रही है, ताकि रेकी करनेवालों को चिह्नित किया जा सके।
जेल अधीक्षक को नहीं उपलब्ध कराया गया है बॉडीगार्ड
जेल की सुरक्षा में उदासीनता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि फिलहाल जेल अधीक्षक को बॉडीगार्ड नहीं उपलब्ध कराया गया है। इस संबंध में अधीक्षक हिमानी प्रिया ने बताया कि गिरिडीह में स्थानांतरण के बाद महज कुछ ही महीनों के लिए उन्हें बाडीगार्ड मिल सका।
चुनाव के समय से उनके पास बाडीगार्ड नहीं है। उन्होंने कहा कि हालांकि अमन साहू और मयंक सिंह से मिली धमकियों के बारे में लगातार जिला पुलिस अधीक्षक और कारा महानिरीक्षक को अवगत कराया गया है।
बाबूलाल ने राज्य सरकार को घेरा
इधर, जेल अधीक्षक को धमकी दिए जाने के मामले में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि झामुमो गठबंधन की सरकार में राज्य की कानून व्यवस्था जगजाहिर है।
अपराधियों का मनोबल पूरी तरह बढ़ा हुआ है, तभी तो वह ऐसी हिम्मत कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब सुरक्षा में तैनात अधिकारियों और कर्मियों की सुरक्षा दांव पर लगी है तो बाकी लोगों की क्या स्थिति होगी, यह समझा जा सकता है।
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