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    ईमानदारी अभी जिंदा है! प्रभु ने लौटाए एक लाख रुपये, SBI ने किया सम्मानित

    By Bk Das Edited By: Mritunjay Pathak
    Updated: Mon, 05 Jan 2026 06:45 PM (IST)

    Giridih News: बगोदर, गिरिडीह के प्रभु मुर्मू ने ईमानदारी की मिसाल पेश की है। एसबीआइ बगोदर शाखा से पैसे निकालते समय बैंककर्मी की गलती से उन्हें एक लाख ...और पढ़ें

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    प्रभु मुर्मू (सिर पर पगड़ी बांधे) को सम्मानित करते जिला परिषद सदस्य दुर्गेश कुमार और एसबीआइ बगोदर शखा प्रबंधक।

    जागरण संवाददाता, बगोदर (गिरिडीह)। SBI News: झारखंड के गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड से ईमानदारी की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। बगोदर प्रखंड के जरमूने पश्चिमी पंचायत अंतर्गत आदिवासी गांव गैड़ाही निवासी प्रभु मुर्मू ने बैंक कर्मी की गलती से मिले अतिरिक्त एक लाख रुपये को ईमानदारीपूर्वक लौटाकर समाज के सामने एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।

    जानकारी के अनुसार, प्रभु मुर्मू शनिवार को भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआइ) की बगोदर शाखा से अपने खाते से 1 लाख 30 हजार रुपये की निकासी करने पहुंचे थे। इस दौरान बैंक कर्मी से हुई भूल के कारण उन्हें तय राशि से एक लाख रुपये अधिक दे दिए गए, जिससे कुल 2 लाख 30 हजार रुपये उनके पास आ गए।

    बैंक से बाहर निकलने के बाद जब प्रभु मुर्मू को इस गलती की जानकारी हुई, तो उन्होंने तुरंत इसकी सूचना बगोदर पश्चिमी भाग के जिला परिषद सदस्य दुर्गेश कुमार को दी। इसके बाद प्रभु मुर्मू जिला परिषद सदस्य दुर्गेश कुमार के साथ सोमवार को एसबीआई बगोदर शाखा पहुंचे और अतिरिक्त एक लाख रुपये शाखा प्रबंधक को लौटा दिए।

    उनकी इस ईमानदारी से बैंक कर्मी और अधिकारी भी प्रभावित हुए। शाखा प्रबंधक ने प्रभु मुर्मू की सराहना करते हुए उन्हें उपहार स्वरूप सम्मानित किया और कहा कि आज के समय में ऐसी ईमानदारी दुर्लभ है। प्रभु मुर्मू का यह कदम समाज के अन्य लोगों के लिए प्रेरणास्रोत है।

    वहीं जिला परिषद सदस्य दुर्गेश कुमार ने भी प्रभु मुर्मू की प्रशंसा करते हुए कहा कि आदिवासी समाज के इस व्यक्ति ने यह साबित कर दिया कि ईमानदारी आज भी जीवित है। प्रभु मुर्मू की इस पहल से न केवल बैंक का भरोसा बढ़ा है, बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों को भी मजबूती मिली है।