Giridih Accident News: 'हमारा तो वंश ही खत्म हो गया, अब कौन करेगा बेटियों की परवरिश', फूट-फूटकर रोए मृतक के परिजन
शनिवार 18 नवंबर को गिरिडीह में हुए भीषण हादसे ने सभी को सहमा दिया है। हादसे में छह लोगों की मौत हो गई। सभी शादी से वापस लौट रहे थे। मृतकों के घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। घर पर स्थानीय लोगों का आना-जाना लगा हुआ है। परिवार के लोग दर्द को शब्दों में इस तरह बयां कर रहे हैं कि सुनने वालों की आंखें नम हो रही हैं।
संवाद सहयोगी, बिरनी (गिरिडीह)। बाघमारा में हादसे की खबर जंगल की आग की तरह फैली। सुबह-सुबह जिसे मौत की सूचना मिली, वह वहीं आवाक रह गया। हादसे में मृत के सगे भाई सुभान अंसारी और आफताब अंसारी दूल्हा चांद रसीद के चाचा थे।
दोनों के घरों की आर्थिक स्थिति काफी दयनीय है। दोनों की छोटी-छोटी बेटियां हैं। हादसे में घायल आफताब अंसारी को धनबाद ले जाया गया था, लेकिन वहां पहुंचते उसने दम तोड़ दिया।
इधर, उसकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। अपने आंसू पोंछते हुए कहा कि अब घर कैसे चलेगा। हमारा तो वंश ही उजड़ गया। बेटी की परवरिश अब कौन करेगा। आफताब राजमिस्त्री का काम कर अपने परिवार की देखभाल कर रहा था।
सुभान के परिवार का भी यही हाल
सुभान के परिवार की भी यही कहानी है। वह भी राजमिस्त्री का ही काम करता था। उसकी तीन छोटी-छोटी बेटियां हैं। सुभान की पत्नी सकीला खातून रो-रोकर कह रही थी कि पति बीमार होने की वजह से दो माह से घर पर ही थे।
इसके बावजूद भतीजे की निकाह में खुशी-खुशी गए थे। कहा कि हमारा तो घर ही उजड़ गया। पुत्र होता हो वंश चलता, लेकिन अब तो बेटियों को संभालने की चिंता खाए जा रही है।
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याकूब अंसारी के घर की आर्थिक स्थिति दयनीय
लांगी-लेवरा निवासी 60 वर्षीय याकूब अंसारी की भी हादसे में मौत हुई है। अपने भांजे फारुक अंसारी के पुत्र की निकाह में शामिल होने वह बरात गए थे। याकूब के घर की आर्थिक स्थिति दयनीय है।
वह भी राजमिस्त्री का काम कर पुत्र नवाज अंसारी, बहू और अपनी पत्नी खतीजा खातून का भरण-पोषण कर रहे थे। स्वजन ने बताया कि शुक्रवार को गांव के ही राउफ अंसारी के घर में उन्होंने दिन भर काम किया। इसके बाद शाम में बड़े उत्साह से अपनी बहन के पोते की निकाह में बिरनी के गजोडीह गए थे।
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