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    IIT-ISM के छात्रों से रूबरू हुए सुपरस्टार अक्षय कुमार, बच्चों को सुनाए रियल लाइफ हीरो के अनसुने किस्से

    By ashish singhEdited By: Shashank Shekhar
    Updated: Sat, 30 Sep 2023 01:41 PM (IST)

    सुपरस्टार अक्षय कुमार (Akshay Kumar) ने IIT-ISM के छात्रों से लंदन से ऑनलाइन माध्यम से रूबरू हुए। इस दौरान उन्होंने IIT-ISM के छात्र रहे जसवंत सिंह गिल की बहादुरी पर बनी फिल्म पर एक घंटे तक बातचीत की। वहीं इस दौरान छात्रों ने भी अक्षय कुमार ने कई सवाल किए। सुपरस्टार अक्षय कुमार की यह फिल्म छह अक्टूबर को रिलीज हो रही है।

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    छात्रों से रूबरू हुए अक्षय कुमार, जसवंत सिंह की जांबाजी पर बनी फिल्म पर की बात

    जागरण संवाददाता, धनबाद। 'मिशन रानीगंज: द ग्रेट भारत रेस्क्यू' फिल्म IIT-ISM के 1965 बैच के माइनिंग इंजीनियरिंग के छात्र रहे जसवंत सिंह गिल की बहादुरी एवं सूझ-बूझ की कहानी बयां करती है।

    सुपरस्टार अक्षय कुमार (Akshay Kumar) की यह फिल्म छह अक्टूबर को रिलीज हो रही है। हाल ही में Engineer's day के अवसर पर अक्षय कुमार (Akshay Kumar) ने अपने इंस्टाग्राम पर आईएसएम के सामने खड़े जसवंत सिंह गिल की तस्वीर पोस्ट की थी।

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    अब एक बार फिर से आईआईटी आईएसएम चर्चा में है। अक्षय कुमार लंदन से वेबकास्ट के जरिये IIT-ISM के छात्रों और प्रोफेसर से रूबरू हुए। सबसे पहले हाथ जोड़कर सभी को नमस्कार किया।

    एक घंटे तक छात्रों से ऑनलाइन रूबरू हुए अक्षय कुमार

    इसके बाद एक घंटे तक फिल्म मिशन रानीगंज, जसवंत सिंह गिल और छात्रों से पढ़ाई पर बात की। वहीं, IIT-ISM आने की भी इच्छा जताई। बातों ही बातों में उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता उन्हें इंजीनियर बनाना चाहते थे, लेकिन नहीं बन पाए।

    आईआईटी-आईएसएम के उपनिदेशक प्रो.धीरज कुमार एवं मीडिया एंड ब्रांडिंग की डीन प्रो.रजनी सिंह ने बताया कि अक्षय कुमार के साथ काफी शानदार सत्र रहा। सभी बच्चों ने अक्षय कुमार को फिल्म के लिए बधाई दी।

    जसवंत सिंह गिल को कई बार मिला सम्मान

    बता दें कि 1989 में बंगाल के रानीगंज में कोयला खदान ढहने के दौरान जसवंत सिंह गिल ने अपनी इंजीनियरिंग की बदौलत 2.5 मीटर का स्टील कैप्सूल बनाकर अकेले ही 65 खनिकों की जान बचाई थी।

    कैप्सूल को खदान के अंदर उस विशेष स्थान पर ड्रिल किया गया, जहां 65 खनिक फंसे हुए थे। हर बार कैप्सूल के जरिए खदान के अंदर जाने वाले जसवंत गिल ने सभी 65 खनिकों को सुरक्षित खदान से बाहर ले आए। इसके बाद इनका नाम कैप्सूल गिल पड़ गया।

    रानीगंज में ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड के महाबीर कोलियरी में पदस्थापित थे। 1991 में घटना के दो साल बाद तत्कालीन राष्ट्रपति रामास्वामी वेंकटरमन ने जसवंत सिंह गिल को सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक से सम्मानित किया था और कोल इंडिया ने भी उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया था।

    IIT-ISM के छात्र रह चुके हैं जसवंत गिल

    जसवंत सिंह गिल आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के 1961-65 बैच के छात्र थे। भारत सरकार ने 1991 में उन्हें सर्वोत्तम जीवन रक्षक पदक से सम्मानित किया था।

    1998 में वह अपनी नौकरी पूरी करने के बाद बीसीसीएल धनबाद से ईडी सेफ्टी एंड रेस्क्यू पद से रिटायर हुए। पिछले वर्ष ही पंजाब के अमृतसर के एक चौक का नामकरण जसवंत गिल के नाम पर हुआ है।

    बीसीसीएल धनबाद के रेस्क्यू स्टेशन से सेवानिवृत्त हुए थे। रिटायरमेंट के बाद अपने परिवार के साथ पंजाब के अमृतसर शिफ्ट हो गए थे। यहीं 2019 में उनका निधन हुआ था।

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    परिणीति चोपड़ा भी फिल्म में निभाएंगी प्रमुख भूमिका

    फिल्म में अक्षय कुमार जसवंत सिंह का किरदार निभाते नजर आएंगे। एक्ट्रेस परिणीति चोपड़ा भी प्रमुख भूमिका में होंगी। फिल्म का नाम सबसे पहले कैप्सूल गिल रखा गया था।

    बाद में नाम बदलकर द ग्रेट इंडियन रेस्क्यू रखा गया। अब फिल्म 'मिशन रानीगंज-द ग्रेट भारत रेस्क्यू' नाम से रिलीज होने जा रही है।

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