मुसलमानों को लेकर सनातन घर वापसी फाउंडेशन का बड़ा दावा, देशभर में बनेगा हिंदू लीगल सेल
Sanatan Ghar Wapsi Foundationः निरसा के उपचुरिया गांव में हिंदू सम्मेलन आयोजित हुआ। स्वामी उदय महाराज ने 10 करोड़ मुसलमानों की घर वापसी की योजना पर चर ...और पढ़ें

उपचुरिया में हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते हुए रामकृष्ण मठ देवघर के स्वामी उदय महाराज।
जागरण संवाददाता, निरसा (धनबाद)। सनातन घर वापसी फाउंडेशन 10 करोड़ मुसलमानों की घर वापसी की योजना पर कार्य कर रहा है और इसमें सफलता मिलेगी। साथ ही, इस्लाम छोड़ चुके 370 लोगों को हर तरह का संरक्षण भी फाउंडेशन द्वारा दिया जा रहा है। विशेष रूप से मुस्लिम महिलाएं इस्लाम छोड़ने को लेकर व्याकुल हैं। यदि उन्हें सही मार्गदर्शन और संरक्षण मिले तो वे घर वापसी के लिए तैयार हैं।
यह बातें रामकृष्ण मठ देवघर के स्वामी उदय जी महाराज ने गुरुवार को उपचुरिया गांव स्थित बजरंगबली मंदिर के वार्षिकोत्सव के अवसर पर आयोजित हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहीं। उदय महाराज ने कहा कि उत्तर प्रदेश के 26 गांवों के वे मुसलमान, जो स्वयं को राजपूत मुसलमान बताते हैं, घर वापसी के लिए तैयार हैं और उनसे बातचीत चल रही है।
प्रलोभन के माध्यम से युवाओं को किया जा रहा गुमराह
उन्होंने इस्लाम के दर्शन पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि युवाओं को कथित प्रलोभनों के माध्यम से गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हलाल के नाम पर वर्ष 2019 में लगभग 23 हजार करोड़ रुपये का कारोबार हुआ, जिसकी जानकारी आम लोगों को नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि बलपूर्वक धर्म परिवर्तन कराने वालों को बहादुर नहीं कहा जा सकता।
स्वामी उदय महाराज ने बताया कि देश के सभी जिलों में हिंदू लीगल सेल गठित करने की दिशा में कार्य हो रहा है। रांची और देवघर सहित कई जिलों में इसका गठन हो चुका है। इसमें ऐसे वकील शामिल होंगे, जो ईमानदारी से हिंदू समाज के मामलों की पैरवी करेंगे। उनकी फीस हिंदू लीगल सेल द्वारा वहन की जाएगी।
तरुण हिंदू के संस्थापक डॉ. नील माधव दास ने कहा कि हिंदुओं को किसी भी राजनीतिक दल पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कोई भी राजनीतिक दल हिंदुओं के हितों की समुचित रक्षा नहीं कर रहा है। उन्होंने पाकिस्तान, बांग्लादेश और जम्मू-कश्मीर के उदाहरण देते हुए वहां हिंदू आबादी में आई गिरावट का उल्लेख किया।
शास्त्र के साथ शस्त्र रखने की अपील
उन्होंने कहा कि 2014 के बाद घुसपैठ में वृद्धि हुई है और सरकार के आश्वासनों के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं दिख रही। उनका कहना था कि हिंदू समाज की रक्षा हिंदू स्वयं ही कर सकते हैं। उन्होंने लोगों से शास्त्र के साथ शस्त्र रखने और बच्चों को प्रशिक्षण देने की अपील की।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक अपर्णा सेनगुप्ता ने कहा कि कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों द्वारा धर्म पूछकर लोगों की हत्या की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि सहिष्णुता का पाठ केवल हिंदू समाज को ही क्यों पढ़ाया जाता है।
सम्मेलन को खगेश ठाकुर, कृष्णनंदन रवानी, शुभम बरनवाल और राजीव मिश्रा ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता बंसी चौबे ने की, जबकि संचालन फकीर गोराई ने किया।

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